रिपोर्ट- अमित कुमार!
– पटना सिटी नाबालिक बेटी की तलाश में 6 महीने से पटना के बहादुरपुर थाने का चक्कर लगा रही एक बेवस मां।
पुलिस से विश्वास खो चुकी मां अब न्यायालय और राज्यपाल से बेटी की सलामती के लिए लग रही गुहार।
एंकर। पटना के बहादुरपुर की मंडी में सड़क के किनारे फल बेचने वाली एक बेवस मां अपने नाबालिक बेटी की तलाश में पिछले 6 महीने से थाने का चक्कर लगा रही है। पुलिस से गुहार का हर प्रयास असफल होने के बाद अब मां न्यायालय और राज्यपाल से बेटी के सकुशल वापसी की टकटकी लगाए बैठी है। यह कहानी उस बेवस मां की है जिसकी एक 14 वर्ष की नाबालिक बेटी पिछले 6 महीना से लापता है। मां भारती देवी ने बताया कि अपनी बेटी के लापता होने का मामला उन्होंने बहादुरपुर थाने में दर्ज कराया था। इसके बाद थाना के एक दारोगा ने उनकी बेटी के वापस लाने के लिए ₹50000 की मांग रख दी, लेकिन उनके पास उतना पैसा नहीं होने के बाद उन्होंने 24000 रूपये केस के अनुसंधानकर्ता को दिया। इसके बाद भी उनकी बेटी की 6 महीना से अधिक के बाद कोई सुराग नहीं मिला। इस मामले को लेकर केस के अनुसंधान कर्ता सब इंस्पेक्टर विजय कुमार से बात करने पर उन्होंने बताया कि लड़की के मोबाइल का सीडीआर निकल गया है, जिसका लोकेशन बिहार से बाहर दूसरे राज्य का बता रहा है। उन्होंने बताया कि वरीय पदाधिकारी से आदेश लेने के बाद वे इस मामले में लड़की के बरामदगी के लिए राजस्थान जाएंगे।
बताया जा रहा है कि समस्तीपुर शाहपुर पटोरी के रहने वाले उमेश राय 55 वर्ष अपनी पत्नी भारती कुमारी और चार बच्चों के साथ पेट पालने के लिए समस्तीपुर से 2014 में पटना आए। तब उन्होंने बहादुरपुर के एक मकान में छोटा सा कमरा लेकर बहादुरपुर दुर्गा स्थान के नजदीक ठेले पर फल बेचना शुरू किया। बातचीत के क्रम में भारतीय कुमारी ने बताया कि उनकी 14 वर्ष की बेटी 24 जून 2023 को अचानक लापता हो गई। उन्होंने बेटी के लापता करने का आरोप मकान मालिक और सहेलियों पर लगाया। तब से भारती देवी लगातार अपनी बेटी के सकुशल बरामद की के लिए थाने का चक्कर लगा रही है। जब उन्हें यह महसूस होने लगा कि थाने के द्वारा उनकी कोई मदद नहीं हो सकती, तब उन्होंने बेटी के बरामदगी के लिए पटना उच्च न्यायालय और राज्यपाल सहित डीजीपी से गुहार लगाई है।




