रिपोर्ट:-निभाष मोदी

भागलपुर। पूरनमल बाजोरिया शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में आज राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के चार वर्षीय शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रम निर्माण विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन 10 बजे प्रातः संपन्न हुआ। यह कार्यशाला विभिन्न सत्रों में संपन्न होकर 11 जुलाई को दोपहर तक चलेगी।इसमें देश के अनेक विश्वविद्यालयों से विद्वान आमंत्रित थे। प्राचार्य डॉ अजीत कुमार पांडे ने कार्यशाला के बारे में बताया कि इस कार्यशाला में राष्ट्रीय गौरव तथा आधुनिक शिक्षा को एकीकृत करके नवीन भारत हेतु शिक्षक निर्माण करने संबंधी पाठ्यक्रम का निर्माण किया जा रहा है, इस बिंदु पर विशेष चर्चा हो रही है। कार्यशाला में विद्या भारती ,तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय तथा अनेक विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि ने भाग लिया।
दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन डॉ नंदकुमार इंदु पूर्व कुलपति मुकेश नंदन क्षेत्रीय सचिव विद्या भारती प्रकाश चंद्र जयसवाल , सचिव विद्या भारती प्रदीप कुमार कुशवाहा प्रोफेसर बृजभूषण तिवारी एवं प्राचार्य डॉ अजीत कुमार पांडे ने किया। उद्घाटन में भारतीय शिक्षा महाविद्यालय मुजफ्फरपुर, तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय एवं अन्य अनेक विश्वविद्यालयों को विद्वानों ने राष्ट्र निर्माण में शिक्षक शिक्षा की महत्ता पर गंभीरता से चर्चा किया। डॉक्टर इंदु ने भी कई मुद्दों पर जोर डाला ।मुकेश नंदन ने राष्ट्रीय गरिमा पर बल दिया ।अपने व्यक्तित्व निर्माण के लिए विद्या भारती के इस कार्यशाला में सबों ने संकल्प की चर्चा की ।प्रकाश चंद्र जायसवाल ने सभी को धन्यवाद देते हुए राष्ट्र गौरव के निर्माण हेतु शिक्षक शिक्षा पर बल दिया। प्राचार्य डॉ अजीत कुमार पांडे ने इस दो दिवसीय कार्यशाला में राष्ट्रीय पुनरुत्थान हेतु नवीन पाठ्यक्रम पर बल दिया ।वही कार्यक्रम संचालन राजीव शुक्ल ने किया ,जबकि वंदना बहन, सरिता ने उद्घाटन सत्र का कार्यक्रम संपन्न कराया। द्वितीय एवं तृतीय सत्र में विषय वार पाठ्यक्रम निर्माण का कार्य भी किया गया।




