धर्मेंद्र पांडेय!

नाव हादसा न हो इसके लिए घर की महिलाएं नाव में बैठ कमला मैया की गाती है गीत!
दरभंगा। बाढ़ के समय बस एक नाव ही आम लोगो के लिए सहारा होता है लोग जान जोखिम में डाल मज़बूरी में बाढ़ के समय नाव से ही सफर करने को मजबूर होते है। ऐसे में नाव किसी हादसे का शिकार नहीं हो इसके लिए दरभंगा के हायाघाट इलाके में आज भी वर्षो पुरानी परम्परा को निभाया जाता है । यहाँ रहनेवाले मछुआ समाज के लोग बाढ़ के समय नए नाव को चलाने से पहले न सिर्फ बलि प्रदान के साथ नाव की पूजा पाठ करते है बल्कि घर की महिलाये सबसे पहले नाव पर बैठ कर नदी में जाती है और चलती नाव पर कमला मैया के कई गीत गाती है । माना जाता है की गीत गाकर महिलाये कमला मईया को खुश करने के साथ साथ नाव हादसा न हो इसके लिए रहम करने की फरियाद करती है ।
मछुआ समाज के मनोज सहनी ने बताया की यह परम्परा वर्षो पुराना है इसमें नए नाव को चलाने से पहले अपने देवता को पहले एक पाठी का बलि चढ़या जाता है इसके बाद नाव की पूजा की जाती है और नाव की पूजा करने के बाद घर की महिलाये नदी में नाव पर सवार होकर घूमती है और कमला मैया के गीत गाती है इसके बाद ही नाव से मछली मारने या किसी तरह के आवागमन करने का काम शुरु किया जाता है ।




