रिपोर्ट – संतोष तिवारी!
मुजफ्फरपुर : क्षमता निर्माण से संबंधित नव दिशा कार्यक्रम का आयोजन इंडियन ऑयल काॅर्पोरेशन लिमिटेड के गैस वितरकों के लिए 18 व 19 दिसम्बर को इंडियन ऑयल काॅर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से ललित नारायण मिश्र काॅलेज ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट, भगवानपुर के प्रांगण में आयोजित किया गया।यह संस्थागत मूल्य एवं विस्तार समिति के तत्वाधान में संपन्न हुआ। नव दिशा कार्यक्रम का आयोजन इंडियल ऑयल के प्रमंडलीय प्रमुख मुकेश कुमार के मार्गदर्शन में समस्त डीलर को उनके व्यवसाय की उत्कृष्टता एवं व्यवसायिक उन्नति में आने वाले सभी व्यवहारिक एवं व्यवसायिक प्रबंधन के विभिन्न आयाम पर विशेषज्ञ रिसोर्स पर्सन के मार्ग दर्शन में किया गया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम को कुल 8 सत्र में विभाजित किया गया था। जिसमें विभिन्न बिन्दुओं पर परिचर्चा किया गया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में वरिष्ठ मानव संसाधन विशेषज्ञ डाॅ श्याम आनन्द झा ने स्वयं का मूल्यांकन एवं टीम को नेतृत्व करने की क्षमता को विकसित करने की कौशल पर विस्तृत जानकारी दी। डाॅ साहब ने स्वप्रंबंधन के साथ कर्मचारी प्रबंध के मूल तत्वों को समझाया। जिसके लिए अपने उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक बदलाव के तरफ जागरुक रहते हुए समायानुकूल बदलाव करते रहना होगा। आगे इन्होनें कहा कि आज के आर्थिक परिवेश में कर्मचारियों के प्रभावशीलता एवं क्षमता को ध्यान में रखकर एक वृहद रोडमैप बनाने की जरुरत है एवं समय-समय पर उन्हें जरुरी कौशल विकास की प्रशिक्षण भी देनी होगी। विपणन विशेषज्ञ डाॅ भानु प्रताप ने डिस्ट्रीव्यूशन से जुड़े पहलुओं पर विशेष मार्गदर्शन दिया एवं तत्पश्चात डाॅ मृणालनी ने बिक्री को और उत्कृष्ट बनाने के लिए तथा ग्राहक को सुविधाजनक सेवा प्रदान करने की विभिन्न क्रियाविधि को समझाया कि जिसमें व्यापार में स्थायित्व एवं विकास हो सके तत्पश्चात डाॅ नीरज कुमार ने प्रभाविता पूर्ण नेतृत्व के कौशल पर चर्चा करते हुए अपने कर्मचारी का प्रोत्साहन, निरिक्षण, कार्यकुशलता एवं लगनपूर्ण परिश्रम पर विशेष ध्यान देकर उत्कृष्टता बढ़ाने की बात कही।
दुसरे दिन के प्रथम सत्र में डाॅ श्याम आनन्द झा ने कर्मचारियो के भर्ती एवं नियोजन के नीतिगत तत्वों पर पूर्ण व्याख्यान दिए जिससे नव दिशा में अग्रसर होने के लिए कर्मठ कर्मचारियों की नियुक्ति पर बल दिया।
सूचना प्रोद्योगिकी विशेषज्ञ डाॅ आई बी लाल वर्त्तमान समय में व्यवसाय के परिदृश्य में आने वाले व्यवधान जो साइबर सुरक्षा के नियमों को ध्यान में रखकर भारत सरकार द्वारा दिये गये विधिक निर्देशों का पालन करते हुए व्यवसाय के तकनिकी जानकारीयां साझा की। इन्होनें साइबर सिक्योरिटी की संवेदनशीलता और जरुरत पर एक विस्तृत जानकारियां साझा किया जिसमें डाटा प्रबंधन एवं सुरक्षा के विभिन्न तकनीकि पहलुओं जैसे कि वाइरस सिक्योरिटी, इंटरनेट सर्फिग सिक्योरिटी, इमेल सिक्योरिटी, वेबसाइट सिक्योरिटी एवं ब्राउसर सिक्योरिटी पर ध्यान देने की जरुरतों को बताया।
विपणन विशेषज्ञ डा0 किशोर पार्थ ने ब्रांड मार्केटिग के विभिन्न तकनीकि पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की और बताया कि उपभोक्ता की जरुरतों को कैसे बेहतर समझा एवं समाधान किया जाए। प्रोडक्ट एवं ब्रांड के बीच के अंतर पर प्रकाश डाला। वर्त्तमान परिवेश में ब्रांड इक्विटी और ब्रांड वैल्यू की महत्व को समझाया। ये जानकारियां इंडियन ऑयल काॅर्पोरेशन लिमिटेड की पंच लाइन सुरक्षित, विश्वसनीय एवं सुविधाजनक सेवा उनके ग्राहकों को प्रदान करने से संबंधित रही है। दो दिवसीय कार्यशाला की समाप्ति पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के निदेशक डाॅ मनीष कुमार, कुलसचिव डाॅ कुमार शरतेंदु शेखर, प्रबंधन विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ श्याम आनन्द झा भी उपस्थित थे।




