रिपोर्ट – आशुतोष पांडेय
आरा। जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर वर्तमान शासन नायक भगवान महावीर स्वामी का निर्वाण महोत्सव बड़े ही उत्साहपूर्वक शिवगंज स्थित भगवान महावीर स्वामी जल मंदिर जी में मनाया गया। महोत्सव के पूर्व संध्या में संपूर्ण मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजावटी लाईट एवं फूलों से सजाया गया था। बच्चों ने अनेकों रंगोलियां बनाई एवं दीपक प्रज्वलित किए। मंदिर परिसर में भक्तों की देर रात तक लगी रही भीड़। प्रातःकालीन समय में विशेष मंत्रोच्चार के बीच भव्य पंचामृत अभिषेक, पूजन एवं निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। भक्तों ने बहुत ही भक्तिपूर्वक भगवान महावीर स्वामी का पंचामृत अभिषेक किया गया जिसमें मुख्य रूप से प्रथम जलाभिषेक डॉ प्रभा-राकेंद्र चंद्र जैन व राशि-राहुल जैन, दुग्ध से सीमा-मनोज जैन व दीप्ति अजय जैन, सर्वोषधी रस से सीपी-डॉ आदित्य बिजय जैन, मंगल आरती आभा जैन, सुगंधित पूर्ण कलश विनिका-पंकज जैन, छत्र समर्पण विशाल-शशांक जैन एवं वृहद शांतिधारा अंजू-निलेश कुमार जैन एवं श्रेया-रंकित जैन को कलश करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
जैन समाज के मीडिया प्रभारी एवं सह संयोजक जल मंदिर निलेश कुमार जैन ने बताया की भगवान महावीर स्वामी निर्वाण कल्याणक 2550 वें के प्रवेश पर 11 किलो का शुद्ध देशी घी से निर्मित भव्य निर्वाण लाडू चढ़ाने का सौभाग्य भारती-रजत कुमार जैन परिवार को प्राप्त हुआ। तथा उन्होंने बताया की प्रातः 5 बजे से ही भक्त भगवान महावीर का दर्शन करने एवं अभिषेक देखने के लिए भक्त मंदिर पहुंच गये थे। जल मंदिर के संयोजक मनोज जैन ने समिति के तरफ से सभी पुण्यार्जक परिवार को श्रीफल एवं तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया। पूजन कार्य का संचालन संयोजक डॉ शशांक जैन ने किया। प्रसाद वितरण में सुशीला-उमेश कुमार जैन, अल्पाहार व्यवस्था वाणी-अनीश जैन, तस्वीर पुण्यार्जक गजानन स्टूडियो परिवार थे। महोत्सव में सदस्य प्रतीक जैन, ओंकार अग्रवाल, रौशन जैन, संजय जैन, नीति जैन, निशी जैन, रंकित जैन, नैतिक जैन, तृप्ति जैन, एवं अतिशय जैन, पुजारी अजय जैन, माली योगेंद्र का विशेष योगदान रहा। महोत्सव में सचिव डॉ आदित्य बिजय जैन, कोषाध्यक्ष धीरेंद्र चंद्र जैन, अज्जू जैन, नीरज किशोर जैन, रूपाली जैन, रश्मि जैन, सतेंद्र जैन, मनीष जैन, विनीका जैन, शशि जैन, चीनू जैन, आभा जैन, प्रकाश चंद्र जैन, अशोक कुमार जैन, राजेश्वरी जैन, दीपक प्रकाश जैन, विनिता जैन, आदेश जैन, आकाश जैन, मंजुला जैन, अरिहंत जैन, जिनवाणी जैन, साक्षी जैन के साथ सैकड़ों की संख्या में भक्त मौजूद थे।




