पितृपक्ष के 15वें दिन मनाई गई पितरों की दिवाली और जलाए गए दीप, यमलोक से पहुंचते हैं स्वर्गलोक।

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रिपोर्ट :- अभिषेक कुमार!

पितृपक्ष के आज 15 वें दिन त्रयोदशी तिथि को देर शाम विष्णुपद स्थित फल्गु नदी के किनारे देवघाट पर पितृ दीपावली मनाए जाने की परंपरा है इस दौरान पितरों के लिए दीप जलाकर आतिशबाजी की जाती है। माना जाता है कि आज के दिन दीपदान करने से पितरों को स्वर्ग जाने का मार्ग प्रकाशमय हो जाता है। इसी को लेकर आज देर शाम तक पितृ दीपावली मनाई गई और दीपदान किया गया देवघाट के अलावा श्रद्धालु सूर्य मंदिर के पास दीप जलाकर भी अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए कामना किया, देश-विदेश से आए लोग अपने पितरों के लिए घी के दीए जलाते हैं जिससे हजारों की संख्या में दीप जलने से पूरा देवघाट रोशनी से जगमग हो गया, पिंड दानी अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए 1000,500 या 108 दीप जलाकर पितरों के प्रति श्रद्धा अर्पित करते हैं।
बाईट-पंडित महावीर शर्मा।
बाईट- पिंडदानी
बाईट- पिंडदानी
रिपोर्ट – अभिषेक कुमार
गया

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