आने वाले दिनों में भागलपुर वासियों को आर्सेनिक आयरन मुक्त मिलेगा पानी

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रिपोर्ट – निभाष मोदी

भागलपुर के लोगों को आने वाले दिनों में आर्सेनिक आयरन युक्त पानी से जल्द ही मुक्त मिल सकती है। दरअसल बेन्टोनाइट खनिज से पानी शुद्ध किया जाएगा।तिलकामांझी भागलपुर विश्विद्यालय के केमेस्ट्री विभाग इसको लेकर शोध कर रहा है। 13 साल पुराने प्रोजेक्ट की फिर से शुरुआत की गई है। झारखंड राजमहल के पहाड़ियों व राजस्थान कद बाड़मेर में बेन्टोनाइट खनिज पाया जाता है इसके पाउडर से पानी को शुद्ध करने पर शोध किया जा रहा है। टीएमबीयू के केमेस्ट्री विभाग के प्रोफेसर व इंडियन केमिकल सोसायटी भागलपुर के अध्यक्ष डॉक्टर अशोक झा और तीन रिसर्च स्कॉलर इसपर काम कर रहे हैं ताकि लोगों को शुद्ध पानी मिल सके और बीमारियों से भी सामना न करना पड़े। सब कुछ ठीक रहा तो खासकर भागलपुर के लोगों के लिए यह बड़ी बात होगी क्योंकि भागलपुर में आर्सेनिक आयरन व क्रोमियम युक्त पानी का लोग सेवन कर रहे हैं। जिससे कैंसर के मरीज भी बढ़े है। गंगा में भी आर्सेनिक पाया जा रहा है। वहीं शोध सफल होने पर पेटेंट मिलने के बाद इसे बड़े पैमाने पर प्रयोग किया जा सकेगा।
शोधकर्ता प्रोफेसर अशोक झा ने बताया कि बेन्टोनाइट का उपयोग दवाइयों में ,शराब को साफ करने में , रंग साफ करने में किया जाता है लेकिन टीएमबीयू केमेस्ट्री विभाग पानी को शुद्ध करने पर शोध कर रहा है। पानी मे हेवी मेटल है जिसका असर ग्रामीण आबादियों पर पड़ रहा है यहां के भूमिगत जल में आर्सेनिक, लेड क्रोमियम पाया गया है जिससे कैंसर जैसी घातक बीमारियां होती है। बेन्टोनाइट पाउडर से उसे हटाने में मुझे बहुत सफलता मिल चुकी है, आम लोगों के लिए काफी फायदेमंद होगा।

Byte- डॉ अशोक झा, शोधकर्ता, केमेस्ट्री विभाग,टीएमबीयू

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