आरा/आशुतोष पाण्डेय
आरा/हर मां बाप का सपना होता है, उसका बेटा बड़ा होकर उनका नाम रोशन करें, लेकिन हम आज एक ऐसे युवा की बात करेंगे जिसने ना सिर्फ अपने मां-बाप का रोशन किया बल्कि जिले का भी नाम रोशन किया है, जी हां भोजपुर जिले के उदवंतनगर प्रखंड के कारीसाथ गांव के रहने वाले प्रशांत सिंह ने सेना में बहाल होकर अपने माता-पिता व परिवार वालों के साथ जिले का नाम रोशन किया है, सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर 10 जून को आईएमए देहरादून में पासिंग आउट परेड में पास आउट हुए, कारीसाथ निवासी भूतपूर्व सैनिक नायब सूबेदार राम सुंदर सिंह और उर्मिला देवी के सुपौत्र के इस कामयाबी पर दादा-दादी फूले नहीं समा रहे है, पिता भूतपूर्व सैनिक ऑन री कैप्टन दिनेश कुमार सिंह वर्मा, राजकुमारी देवी अपने बेटे के इस देश प्रेम को लेकर आंखों में खुशी के आंसू लिए गर्व महसूस कर रहे हैं, वही लेफ्टिनेंट प्रशांत के बड़े पापा भूतपूर्व सैनिक रमेश सिंह व उनकी पत्नी भी अपने भतीजे के इस कामयाबी को देख गौरवान्वित हो रहे हैं, कि उनका पूरा परिवार देश की सेवा में लगा है,वही भोजपुर के लाल प्रशांत के इस्तेमाल को लेकर बिहार राज्य पूर्व सैनिक संघ भोजपुर के अध्यक्ष मेजर राणा प्रताप सिंह यह कहते हुए सीना चौड़ा कर रहे हैं कि हमारे कारीसाथ गांव के इस बेटे ने भोजपुर का नाम रोशन किया है, जिसने ड्रिल में सबसे अच्छे कैडेट का पुरस्कार भी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल मनोज पांडेय से प्राप्त किया, वही प्रशांत की बड़ी बहन सुमन कुमारी भी आर्म्ड फोर्सज मेडिकल कॉलेज पुणे से एमबीबीएस की फाइनल ईयर की छात्रा है, जो अगले साल सेना में मेडिकल ऑफिसर बनेगी व छोटी बहन अमृता कुमारी दिल्ली यूनिवर्सिटी से स्नातक कर रही है, दोनों बहने अपने भाई की सफलता पर फूले नहीं समा रही हैं, अब आपको बता दें कि लेफ्टिनेंट प्रशांत बचपन से ही एक मेधावी छात्र के रूप में रहे, लेफ्टिनेंट प्रशांत सिंह का जन्म कारीसाथ गांव में दिसंबर 2000 में हुआ था, आर्मी स्कूल कोटा से 95% अंक के साथ मैट्रिक और 94% अंक के साथ इंटर की परीक्षा पास की, 12वीं के साथ ही पहले अभ्यास में एनडीए की परीक्षा क्वालीफाई कर जून 2019 में एनडीए ज्वाइन किया, 3 साल एनडीए की ट्रेनिंग करने के बाद जुलाई 2022 में आईएमए देहरादून में ऑफिसर ट्रेनिंग के लिए चले गए, 1 साल अथक ट्रेनिंग व अदम्य साहस के बाद 10 जून 2023 में आई एम ए की पासिंग आउट परेड में पास आउट हुए जहां उनके माता-पिता द्वारा पीपिंग सेरेमनी हुई, और लेफ्टिनेंट पद पर ऑफिसर बन गए, जिससे गांव ही नहीं पूरे जिले का नाम रोशन किया, पासिंग आउट परेड के दौरान लेफ्टिनेंट प्रशांत सिंह निशान टोली के साथ चल रहे थे, वह अपने कैडेट्स में ड्रिल में सबसे अच्छे कैडेट का पुरस्कार चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल मनोज पांडेय से प्राप्त किया, यह बिहार के लिए शान की बात है, साथ ही भोजपुर जिले के लाल ने पूरे जिले का नाम रोशन किया है, एक तरफ मां की आंखों में खुशी के आंसू की थमने का नाम नहीं ले रही थी, जब मैंने कहा मेरा एक ही बेटा था, मैं इससे फौज में भेजना नहीं चाहती थी, लेकिन इसका और मेरे पूरे परिवार का मन था कि यह देश की सेवा करें मैंने अपने दिल पर पत्थर रखकर उसे देश की सेवा के लिए भेज दिया, मां ने अपने उन दिनों को भी याद किया जब उनके पति फौज में देश की सेवा के लिए गए थे और वह खुद अपने तीनों बच्चों को देखभाल करते हुए इस मुकाम तक पहुंचाया यह सोचते हुए उनकी आंखें खुशी से भींज उठी कि उनका संघर्ष आज उनके बेटे बेटियों के लिए सफलता का कारण बनी, बहनें भी यह कहते हुए नहीं थक रही की अगर कोई गांव का बेटा या भाई इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करेगा तो हमें गर्व तो होगा ही और वह भी मेरा खुद का भाई तो इससे बड़ी बात मेरे लिए और क्या होगी….








