रिपोर्ट – ऋषभ कुमार!
दिलचस्प वाक्य और तस्वीर सामने आई है बिहार के सोनपुर से … जहां सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी इस बात को लेकर परेशान दिखे कि … उनके झंडे दिखाए बिना , कहीं ट्रेन निकल ना जाए …
दरअसल सोनपुर से गुजरने वाली 4 ट्रेनों के ठहराव की शुरुआत होने वाली थी
क्षेत्र के लोगों के लिए सुविधा की इस नई व्यवस्था के लिए सोनपुर स्टेशन पर भव्य आयोजन किया गया था
व्यवस्था की गई थी कि सोनपुर स्टेशन पर पहली बार रुकने वाली गाड़ियों को स्थानीय सांसद राजीव प्रताप रूडी , खुद हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे
तय समय पर सांसद महोदय स्टेशन और मंच पर पहुंच गए ….
कार्यक्रम शुरू हुआ
और सांसद महोदय ने मंच से भाषण देना शुरू किया
लेकिन सांसद महोदय को अपने भाषण और सामने बैठी जनता से ज्यादा इस बात की फिक्र खाए जा रही थी कि कहीं उनके झंडी दिखाए बिना , ट्रेन गुजर न जाए
सांसद महोदय अपने भाषण के दौरान लगातार पटरियों की तरफ टकटकी लगाए बैठे थे … और लगातार रेलवे अधिकारियों को हिदायत देते रहे कि ध्यान देते रहिएगा … कहीं ऐसा ना हो कि ट्रेन गुजर ना जाए
सांसद महोदय की ट्रेन को झंडी दिखाने की कुछ ऐसी बेताबी दिखी कि सांसद राजीव प्रताप रूडी ने मंच पर झंडा मंगवा लिया और एक हाथ में माइक और एक हाथ में हरी झंडा लेकर भाषण देने लगे
मंच पर बैठे सोनपुर रेल के सबसे बड़े अधिकारी DRM को सांसद महोदय हिदायत देते दिखे कि किसी सूरत में ट्रेन बिना रुके , या उनके झंडी दिखाए गुजारनी नहीं चाहिए … वरना मेरी भारी फजीहत हो जाएगी
सांसद महोदय के भाषण के बीच ही अचानक ट्रेन स्टेशन पर दाखिल होती दिखी … तो सांसद महोदय कूदते फांदते … माइक छोड़ झंडी लेकर ट्रेन की तरफ दौड़ पड़े
ट्रेन प्लेटफार्म पर खड़ी हुई …… तो आखिरकार सांसद महोदय ने बड़े शान से अपने समर्थकों के साथ झंडी दिखाया ….. और ट्रेन को रवाना किया
झंडी दिखाने की सांसद महोदय की बेताबी और बेचैनी को नेताओं के क्रेडिट लेने के उस मौलिक गुणों से जोड़कर देखा जा सकता है जिसमें नेता क्रेडिट लेने का कोई मौका छोड़ना नहीं चाहते
सोनपुर स्टेशन पर जिन 4 नई ट्रेनों के ठहराव की व्यवस्था की गई थी … उसकी मांग इलाके के लोगों द्वारा लंबे समय से की जा रही थी
लंबे समय बाद लोगों की मांग पूरी हुई , तो भव्य आयोजन तय हुआ था … हजारों की संख्या में लोग जुटे थे … सांसद महोदय भी मौजूद थे
ऐसे सांसद महोदय इस भारी मौके पर क्रेडिट लेने का मौका कैसे छोड़ सकते थे
यह अलग बात है कि सांसद महोदय झंडी दिखाने की अपनी बेताबी और बेचैनी छुपा न सके
बाइट — राजीव प्रताप रुढ़ी — सांसद , पूर्व मंत्री




