पंकजकुमार जहानाबाद।
दहेज की मांग एवं बच्चा नहीं होने के कारण दिया था घटना को अंजाम
जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ राकेश कुमार सिंह के न्यायालय ने सुनाया फैसला
दहेज को लेकर जानलेवा हमला करने के आरोपी पति मैसूर एवं ससुर के सजा के बिंदु पर सोमवार को सुनवाई पूरा करने के उपरांत जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ राकेश कुमार सिंह के न्यायालय ने अभिराम यादव उर्फ छोटू अविनाश यादव उर्फ टिंकू तथा शिव प्रसाद यादव को भादवि की धारा 307 के तहत आजीवन कारावास एवं ₹10000 अर्थदंड भुगतान करने का फैसला सुनाया इतना ही नहीं न्यायालय ने आरोपी को भादवि की धारा 325 के तहत 7 वर्ष का कठोर कारावास एवं ₹5000 अर्थदंड तथा भादवि की धारा 498a में 3 साल सश्रम कारावास एवं ₹10000 अर्थदंड भुगतान करने का फैसला सुनाया ।उपरोक्त जानकारी लोक अभियोजक सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने दी है ।उन्होंने बताया कि इस मामले में औरंगाबाद जिला अंतर्गत ओबरा थाना क्षेत्र के भरूद टोले प्रेम विगहा गाव निवासी जयनंदन यादव की पुत्री प्रभादेवी ने मेहंदिया थाना में पति अभिराम यादव उर्फ छोटू ससुर शिव प्रसाद यादव सास मनोरमा देवी भैंसूर अविनाश यादव एव गोतनी
समेत नौ लोगों को नामजद कर प्राथमिकी दर्ज करायी थी। दर्ज प्राथमिकी में सूचिका ने आरोप लगाया था। उसकी शादी अभिराम यादव उर्फ छोटू के साथ वर्ष 2013 में हुई थी । शादी के बाद परिवार के लोग ठीक से रखते थे ।अचानक वर्ष 2019 में उपरोक्त सभी लोग मिलकर कहने लगे कि तुम्हारा बाप दहेज कम दिया है। साथ में तुम्हें बच्चा भी नहीं होता है। इसलिए ₹500000 और चार लाख का गहना मांग कर लाओ नहीं तो अभिराम की दूसरी शादी कर देंगे । इस बात को लेकर मेरे पिता ने पंचायती भी कराई थी लेकिन वे लोग नहीं माने ।11 नवंबर 2020 को सभी लोग मिलकर घर का मुख्य दरवाजा बंद कर जान मारने की नियत से लाठी डंडा से मारकर जख्मी कर दिया। जिससे मेरा सर फट गया। एक आंख भी फूट गया तथा मेरा जबड़ा भी टूट गया साथ ही हाथ की अंगुली भी टूट गई ।
किसी तरह जान तो बच गई लेकिन खाने-पीने बोलने तक से लाचार होकर रह गयी हूं। इस मामले में अभियोजन की ओर से सूचक चिकित्सक एवं अनुसंधानकर्ता समेत 7 लोगों की गवाही न्यायालय के समक्ष कराई गई थी।




