प्रशान्त कुमार की रिपोर्ट
बेगूसराय में शहर से लेकर गांव तक वट सावित्री का पूजा सौभाग्यवती महिलाओं ने बरगद पेड़ के नीचे अपने पति के लंबी आयु,स्वस्थ सुखद जीवन की कामना की है। बट सावित्री व्रत सुहागिन महिला अपने पति की दीर्घायु के लिए रखती है। और भगवान से सती सावित्री जैसा अखंड सौभाग्य प्राप्त करने के लिए प्रार्थना करती है। कुछ जगह पर कुमारी कन्या भी मनचाहे बर पाने के लिए इस व्रत को करती है जेष्ठ माह अमावस्या में यह व्रत किया जाता है।

बट सावित्री पूजा करने वालीमहिलाओं बरगद वृक्ष के नीचे भीगे काले चना, बांस का पंखा, मौसमी फल जैसे आम लीची अगरबत्ती फूल लाल पीले कपड़े केला का पत्ता नए वस्त्र जो लोग पहली बार वट सावित्री का पूजा करती हैं उनके लिए कपड़े से बना वर वधू का जोड़ा मूर्ति अगरबत्ती तांबे का लोटा गंगाजल से भरा हुआ सिंदूर रोड़ी चंदी मिठाई लेकर वट सावित्री का पूजा करते हैं। बेगूसराय छौराही प्रखंड के बादबखड्डा गांव के दर्जनों सुहागिन महिलाओं ने वट सावित्री पूजा की पूजा कर रहे शिक्षिका पवन रेखा कुमारी, अनिशा कुमारी, खुशबू कुमारी, तिरुफूल देवी, स्वेता कुमारी, अनन्या कुमारी, प्रियंका कुमारी, माला कुमारी समेत दर्जनों महिलाओं ने बट पूजा कर अपने पति की सुखद जीवन की कामना की बट पूजा कर रहे महिलाओं ने हमारे संवाददाता प्रशान्त कुमार को बताया कि बट सावित्री पूजा करने से पति की लंबी आयु बढ़ती है और सुखमय जीवन व्यतीत होता है हर महिला इस दिन निर्जला होकर सच्ची श्रद्धा से पूजा अर्चना करती हैl





