बांका में पेयजल संकट गहराया, कई गांवों में स्थिति अत्यंत भयावह, नल जल योजना का भी बुरा हाल।

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बांका से अश्वनी श्रीवास्तव की रिपोर्ट :-

बांका(बिहार):-

बांका में पेयजल संकट गहराया, कई गांवों में स्थिति अत्यंत भयावह, नल जल योजना का भी बुरा हाल।

सार्वजनिक स्थलों पर खराब पड़े नलकूपों पर नहीं है विभाग की नजर, पेयजल के लिए मचने लगा है हाहाकार।

बांका जिला के प्रखंडों सहित शहरी क्षेत्रों के सरकारी चापाकल फेल, पीएचइडी विभाग की नजरें उपेक्षित।

बांका : आसमान से उगलते आग के गोलों के बीच पेयजल संकट दिनोंदिन और गहराने लगा है। प्रखंड के दर्जनों गांवों के दर्जनों सरकारी व गैर सरकारी चापाकलों ने पानी देना बंद कर दिया है। जल स्तर एकदम नीचे चले जाने की वजह से कई गांवों में पेयजल के लिए हाहाकार की स्थिति है। सरकार की नल जल योजनाएं जगह-जगह अपने गुणवत्ता की पोल भी खोलने लगी है। कई प्रमुख स्थलों पर खराब पड़े सरकारी नलकूपों की ओर पीएचइडी विभाग की नजर अब तक नहीं पड़ी है। प्रखंड के धोरैया, बाराहाट, बौंसी ,अमरपुर, फुल्लीडुमर ,बेलहर, चांदन, रजौन, शंभूगंज, सहित रजौन बाजार का कई सरकारी चापाकल भीषण गर्मी में सफेद हाथी साबित हो रही है। रजौन कांग्रेस ऑफिस व बजरंगबली मंदिर के समीप का सरकारी चापाकल ने पानी देना बंद कर दिया है। इस चापाकल से राहगीरों सहित आसपास के दर्जनों ग्रामीणों को पेयजल की सुविधा मिलती थी। इधर रजौन बाजार, पुनसिया बाजार,तेरह माइल चौक धर्मायचक और ओड़हारा, मड़नी गांव का वार्ड नंबर 11 का सरकारी चापाकल सहित प्रखंड के कमोबेश सभी गांवों के सरकारी व गैर सरकारी चापाकल सरकार व विभाग को इस भीषण गर्मी में मुंह चिढ़ा रही है। ग्रामीणों के बीच पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है, और इधर विभाग कानों में तेल देकर सोई हुई है। पुनसिया बाजार के सिंचाई भवन के समीप का चापाकल सहित बाजार का अन्य चापाकल भी नकारा साबित हो रहा है। प्रखंड के धौनी-बामदेव, तिलकपुर, रजौन, लीलातरी- कठचातर, अम्हारा-हरचंडी,सकहारा,नवादा-खरौनी,संझा-श्यामपुर,ओड़हारा,मझगाय-डरपा,मोरामा-बनगांव सहित लगभग पंचायतों के अधिकतर गांव में पेयजल के लिए हाहाकार की स्थिति है। उक्त पंचायतों के दर्जनों ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए कहा है कि सरकारी चापाकल या तो वर्षों से बेकार पड़े हैं या फिर भूमि का जल स्तर अत्यंत नीचे चले जाने की वजह से चापाकलों ने पानी देना बंद कर दिया है। भीषण गर्मी के बीच आग लगी की घटना घटने के बाद आग बुझाने के लिए लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। विभाग की नजर और पूरी तरह उपेक्षित है।

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