चलाया गया सघन एनपीए वसूली सह केसीसी नवीकरण व अपग्रेडेशन अभियान!

SHARE:


कैमुर/भभुआ(ब्रजेश दुबे):

दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक क्षेत्रीय कार्यालय भभुआ अंतर्गत जिला कैमुर के दुर्गावती प्रखंड के डीरखिली शाखा अंतर्गत ग्राम कर्णपुरा,पिपरिया, दीरखिली, सावठ, , आदि गांवों में क्षेत्रीय अधिकारी विकास कुमार भगत के नेतृत्व में बैंक के सर्टिफिकेट अधिकारी नरेंद्र कुमार , वसूली अधिकारी सुरेंद्र मीना , शाखा प्रबंधक विवेक कुमार द्वारा सघन एनपीए वसूली सह केसीसी नवीकरण एवम अपग्रेडेशन अभियान चलाया गया ।
दरअसल, दीर्खिली शाखा से केसीसी ऋण के 70 से अधिक हठी बकायेदारों के खिलाफ बैंक द्वारा जिला प्रशासन के सौजन्य से सर्टिफिकेट केस दायर किया गया है जिनमें 30 हठी बकायेदारों के खिलाफ बॉडी वारंट जारी हो चुका है एवम किसी भी समय इनकी गिरफ्तारी संभव है । अतः आज दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक डीरखिली के शाखा प्रबंधक विवेक कुमार , बैंक के कैमूर जिले के सर्टिफिकेट अधिकारी नरेंद्र कुमार एव दुर्गावती थाना द्वारा संयुक्त रूप से इन हठी बकायेदारों पर पुलिस बल के माध्यम से बकाया ऋण चुकाने हेतु दबिश बनाया गया। इस क्रम में लोगों के घर पर पुलिस द्वारा छापामारी अभियान चलाया गया। जिसमे दिग्विजय सिंह पिता स्व रामाधार सिंह,सत्येंद्र नारायण सिंह पिता शिवपूजन सिंह,मथुरा प्रसाद साह पिता स्व डोमा साह,राणा प्रताप सिंह पिता धीरज सिंह, शशिकांत पांडे पिता भगवान पांडे आदि हठी बकायेदारों को 11 फरवरी 2023 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में समझौता कराने की शर्त पर अंतिम चेतावनी देते हुए एक मौका दिया गया है ।
इधर, क्षेत्रीय अधिकारी विकास कुमार भगत द्वारा बताया गया की यदि वे ससमय समझौता नहीं कराते हैं तो उनकी गिरफ्तारी एवम संपति की कुर्की जब्ती कर ब्याज समेत बकाया ऋण की वसूली की जाएगी। आगे क्षेत्रीय अधिकारी विकास कुमार भगत द्वारा बताया गया कि बकाया केसीसी ऋण धारकों को बारम्बार बैंक नोटिस देने के उपरान्त भी ऋण अदायगी हेतु उदासीन रवैया अपनाया जाता रहा है एवं बैंक नियमानुसार समझौता के लिए भी इनकार किया गया है अंततः बैंक को मजबूरन इन सभी हठी बकायेदारों के खिलाफ सर्टिफिकेट केस किया गया है एवं नीलाम पत्र कार्यालय से गिरफ्तारी वारंट जारी करवाते हुए इनकी गिरफ्तारी जल्द ही की जाएगी। केसीसी ऋण बकायेदारों के खिलाफ दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक एवं जिला प्रशासन द्वारा कानूनी कारवाई के लिए तैयारी की जा चुकी है। अतः वे जल्द से जल्द अपने नजदीकी शाखा से संपर्क कर दिनांक 11 फरवरी शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में समझौता कराते हुए बकाए ऋण से मुक्ति पाए एव एक सम्मानित जीवन जिए।

Join us on:

Leave a Comment