कैमूर/भभुआ(ब्रजेश दुबे):
हमारा शारीरिक और मानसिक विकास हमारे आहार में शामिल कई पोषक तत्वों पर निर्भर करता है। इनमें से एक महत्वपूर्ण घटक है भोजन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले नमक में शामिल आयोडीन की मात्रा। भोजन में यदि आयोडीन की कमी हो जाए तो यह कई प्रकार के रोगों का कारण बन जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विश्व में आयोडीन की कमी एक बेहद आम स्वास्थ्य समस्या जैसी है किन्तु इसकी कमी से होने वाले रोग साधारण नहीं बल्कि बहुत नुकसानदायक हैं। सदर अस्पताल के चिकित्सक बताते हैं कि आयोडीन एक सूक्ष्म पोषक तत्व है। हमारे बेहतर स्वास्थ्य और बौद्धिक विकास में इसकी भूमिका हमारे जन्म से पहले (गर्भस्थ शिशु) से शुरू हो जाती है। आमतौर पर सामान्य विकास और बढ़त के लिए लगभग 100-150 माइक्रोग्राम आयोडीन की आवश्यकता होती है। सदर अस्पताल के अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया गर्भवती महिलाओं में आयोडीन की कमी से गर्भपात होने का अंदेशा बढ़ जाता है। यही नहीं उनमें आयोडीन की कमी होने से गर्भस्थ शिशु का पूर्ण विकास नहीं हो पता और जन्म के बाद भी शारीरिक और मानसिक तौर पर दिव्यांग हो सकता है। न केवल गर्भवती बल्कि आम महिलाओं में थाइरॉयड होने की प्रमुख वजह आयोडीन की कमी होती है। उन्होंने बताया अच्छी बात ये है कि आयोडीन आसानी से घर में इस्तेमाल होने वाले आयोडीनयुक्त नमक से मिल सकता है। इसकी सम्पूर्ण मात्रा भोजन में उपयोग करने से इन स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं से बचा जा सकता है।




