संतोष तिवारी की रिपोर्ट :-
पांच अरब का दस साल से हिसाब नहीं
साइकिल योजना
मुज़फ़्फ़रपुर
मुजफ्फरपुर समेत सूबे में साइकिल योजना का पांच अरब रुपये से अधिक का हिसाब दस साल से नहीं मिला है। प्रदेश के सभी जिलों में साल 2012 से 19 तक आवंटित राशि का मामला है। मुजफ्फरपुर में 37 करोड़ का हिसाब ढूंढा जा रहा है। सबसे अधिक मधुबनी में 52 करोड़ से अधिक का हिसाब नहीं मिला है। सभी जिलों के डीपीओ से जवाब मांगा गया है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय कुमार ने इसे लेकर सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया है। अपर मुख्य सचिव के पीत पत्र द्वारा सभी जिलों को असामंजित राशि का विवरणी बनाने और इसके अनुसार संबंधित सभी विद्यालयों को अग्रिम सूचना देते हुए दस दिनों के भीतर प्रखंडवार शिविर आयोजन करने का निर्देश भी दिया गया था। निदेशक ने निर्देश दिया है कि विशेष अभियान
चलाकर सभी जिला शिक्षा अधिकारी अपने पर्यवेक्षण में 15 दिनों के भीतर सभी हिसाब जमा करेंगे।
सभी जिलों में साल 2012 से 2019 तक आवंटित राशि का मामला
यहां इतनी राशि का हिसाब नहीं
मुजफ्फरपुर में कुल 33 करोड़ 57 लाख, पश्चिम चंपारण में 27 करोड़ 53 लाख 87 हजार 500, समस्तीपुर में 13 करोड़ से अधिक, वैशाली में नौ करोड़, मधुबनी में 52 करोड़ 68 लाख 77 हजार 500, नवादा में तीन करोड़ 88 लाख से अधिक, पूर्वी चंपारण में एक करोड़ 89 लाख, दरभंगा में 28 करोड़ से अधिक, मधेपुरा में छह लाख रुपये का हिसाब बकाया है।
वर्षवार बकाया
साल 2012-13 में 29 करोड़ से अधिक, साल 13-14 में 300000 से अधिक, साल 15-16 में 82 करोड से अधिक, साल 17-18 में डेढ अरब से अधिक और साल 18-19 में एक अरब से अधिक का हिसाब बकाया है।




