ऋषभ कुमार की रिपोर्ट
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की अमर्यादित भाषा का प्रयोग. जीविका दीदी से संवाद के दौरान कुछ ऐसा बोल गए जिसे वह भी दुबारा बोलना शायद नहीं चाहेंगे.
वैशाली में समाधान यात्रा के दौरान जीविका दीदी से बात करते हुए यह क्या बोल गए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार. मुख्यमंत्री ने कुछ ऐसा कह दिया जिसे दुबारा सुनने के बाद सहायक उनको भी अपने आप पर यकीन नहीं हो. भले ही मुख्यमंत्री के कहने का चाहे जो भी तात्पर्य हो लेकिन उनका लहजा और उसका मतलब क्या है यह आप उनके बयान को सुनकर अंदाजा लगा सकते हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जीविका दीदी से संवाद में प्रजनन दर को लेकर कहां की महिलाएं पढ़ लेगी तभी यह प्रजनन दर घटेगा अभी भी वही है. आज अगर महिला नहीं पढ़ी हुई है जो मर्द लोग जिस तरीके से रोज-रोज करते ही रहता है. उसको ध्यान में ही नहीं रहता कि वह बच्चा पैदा नहीं करना है. महिला पढ़ी रहती है तो उनको सब चीज का ज्ञान हो जाता है कि भाई कैसे हमको बचना है. इस तरीके के बयान से ऐसा लग रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह अति उत्साह में दिया गया बयान है जिसको दोबारा से सुनने के बाद उन्हें खुद अपनी गलतियों का अंदाजा हो सकता है और वह शायद खुद में शर्मिंदा भी हो सकते हैं. क्योंकि हाजीपुर के बिका के सभागार में जीविका दीदियों के साथ उनकी बैठक थी जिसमें एक सौ से ज्यादा और जीविका दीदी बैठी हुई थी और वहां उन्होंने इस तरीके से प्रजनन को लेकर अपना बयान दिया. मुख्यमंत्री ने जिस समय यह बयान दिया मंच पर कई माननीय और कई बड़े अधिकारी भी मौजूद थे जिसमें बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सहित अन्य नेता मौजूद थे. बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का इन दिनों से समाधान यात्रा चल रहा है. जिसके तहत वैशाली के 2 प्रखंडों में उनके समाधान यात्रा का कार्यक्रम था. इसके अलावा हाजीपुर प्रखंड के बीका में जीविका दीदियों से उनका संवाद था.

बाइट – नीतीश कुमार, सीएम बिहार.




