पंकज कुमार जहानाबाद।
जिला पदाधिकारी रिची पाण्डेय की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में माननीय मुख्यमंत्री, बिहार जनता दरबार में प्राप्त मामलों के अनुपालन प्रतिवेदन पर समीक्षात्मक बैठक आयोजित कर
संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को आवश्यक निदेश दिया गया।
बैठक में प्रभारी पदाधिकारी जिला जन शिकायत कोषांग द्वारा बताया गया कि माननीय मुख्यमंत्री, बिहार जनता दरबार में जहानाबाद जिले से संबंधित लगभग 679 मामलें प्राप्त हुए हैं, जिसमें 465 मामलों का अनुपालन कर दिया गया है एवं 214 मामले लंबित हैं। जिला पदाधिकारी ने माननीय मुख्यमंत्री, बिहार जनता दरबार के लंबित मामले हेतु संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को त्वरित रूप से दिनांक 05 जनवरी 2023 तक अनुपालन/निष्पादन प्रतिवेदन भेजने का निदेश दिया।
बैठक में बताया गया कि राजस्व एवं भूमि सुधार से संबंधित कुल 137 मामले है, जिसमें 100 का अनुपालन कर दिया गया है, शेष पर कार्रवाई की जा रही है। सामान्य प्रशासन से संबंधित 61 मामलें है, जिसमें 29 का निष्पादन कर दिया गया है तथा शेष विभिन्न विभागों से संबंधित है, जिसके लिए जिला पदाधिकारी ने संबंधित कार्यालय से प्रतिवेदन संकलित करने का निदेश दिया। गृह विभाग से संबंधित 51 मामले है, जिसमें 23 का अनुपालन किया गया है, जिसके लिए शीघ्र शेष मामलों का अनुपालन करने का निदेश दिया गया। शिक्षा विभाग से संबंधित 101 मामलों में से सभी का अनुपालन कर दिया गया है। उसी प्रकार ग्रामीण कार्य विभाग का 20 में 19, कृषि कार्यालय का 16 में 05, स्वास्थ्य विभाग का 20 में 10, खाद्य एवं उपभोक्ता का 12 में 07, नगर विकास एवं आवास विभाग का 14 में 03, ग्रामीण विकास का 25 में 15, समाज कल्याण का 22 में 18, आपदा प्रबंधन का 19 में 15 आदि कार्यालयों द्वारा मामलों का अनुपालन किया गया है।
बैठक में जिला पदाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि यदि माननीय मुख्यमंत्री, बिहार, जनता दरबार में पंजीकृत मामले उल्लेखित मूल विभाग से संबंधित नहीं है तो त्वरित रूप से इसकी सूचना जिला जन शिकायत कोषांग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे ताकि उन मामलों को संबंधित कार्यालयों को ससमय हस्तांतरित किया जा सके। साथ ही नोडल पदाधिकारी जिला जन शिकायत कोषांग को निर्देश दिया गया कि अविलम्ब हस्तांतरण किया जाए एवं उसका अनुश्रवण सुनिश्चित करें ताकि संबंधित विभाग के द्वारा इसका निष्पादन किया जा सके। निदेश दिया गया कि उक्त मामलों को गंभीरता से लें एवं ससमय अनुपालन प्रतिवेदन भेजना सुनिश्चित करें।




