रिपोर्ट अनमोल कुमार
CJM को निलंबित करते हुए कहा- लापरवाही का परिणाम भुगतने पड़ेंगे
पूर्व CJM ने फर्जी सबूत बनाकर जालसाजी की
कोच्चि : केरल हाईकोर्ट ने एक पूर्व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) को निलंबित करते हुए कहा कि मजिस्ट्रेट, न्यायाधीश और अन्य पीठासीन अधिकारी कानून से ऊपर नहीं हैं और उन्हें अपने कामकाज में लापरवाही का परिणाम भुगतने पड़ेंगे। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पर लक्षद्वीप में एक आरोपी को दोषी ठहराने के लिए एक आपराधिक मुकदमे में कथित तौर पर जाली सबूत देने का आरोप है। न्यायमूर्ति पीवी कुन्हीकृष्णन ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को निलंबित करने का निर्देश देते हुए कहा, ‘यह सभी के लिए एक सबक होना चाहिए।
केरल हाईकोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया मेरी राय है कि अतिरिक्त तीसरे प्रतिवादी ने गंभीर कदाचार और कर्तव्य की अवहेलना की है। कोर्ट ने आगे कहा कि इस मामले के तथ्यों और परिस्थितियों में इस अदालत ने प्रथम दृष्टया यह निष्कर्ष निकाला है कि अतिरिक्त तीसरे प्रतिवादी (पूर्व CJM) ने आपराधिक मामले में गवाहों में से एक के सबूत बनाकर जालसाजी की है।
हाईकोर्ट ने प्रारंभिक जांच करने के लिए पूर्व CJM के चेरियाकोया और तत्कालीन बेंच क्लर्क पीपी मुथुकोया और एलडी क्लर्क एसी पुथुन्नी को आपराधिक प्रक्रिया संहिता (CRPC) की धारा 340 (झूठी कार्यवाही) के तहत नोटिस जारी किया। बता दें कि तीनों व्यक्तियों को 23 जनवरी, 2023 को हाईकोर्ट के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया गए थे। कोर्ट का सुविचारित मत था कि बेंच क्लर्क और एलडी क्लर्क, जो पूर्व CJM के साथ तैनात थे, उनके कृत्यों को सही ठहराने के लिए उनके साथ मिलीभगत कर रहे थे। इस मामले पर याचिकाकर्ता का कहना था कि पूर्व CJM ने उनके साथ व्यक्तिगत शत्रुता के कारण जांच अधिकारी के जाली साक्ष्य बनाए और उन्हें अपराध के लिए साढ़े चार साल जेल की सजा सुनाई।
हाईकोर्ट ने आगे कहा कि मजिस्ट्रेट, न्यायाधीश और अन्य पीठासीन अधिकारी अगर कर्तव्य का कोई उल्लंघन करते हैं, तो उन्हें निश्चित रूप से भय और पक्षपात के बिना परिणामों का सामना करना होगा। चूंकि हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के खिलाफ सख्त कदमों को स्थगित करते हुए एक अंतरिम निर्देश जारी किया था ताकि वे सीजेएम के आदेश के खिलाफ अपीलीय अदालत का दरवाजा खटखटा सकें। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता कानून के अनुसार अपीलीय अदालत के समक्ष अपनी सभी दलीलों का विरोध करने के लिए स्वतंत्र हैं।




