पंकज कुमार की रिपोर्ट
जहानाबाद जिले के मखदुमपुर प्रखंड स्थित वाणावर पहाड़ी की तलहटी में पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा वाणावर महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बॉलीवुड की प्रसिद्ध गायिका स्नेहा उपाध्याय एवं सुप्रसिद्ध गायक अतुल पंडित ने भक्ति गीतों तथा पारंपरिक लोक गीतों की शानदार प्रस्तुति करके दर्शकों का मन मोहा। स्नेहा उपाध्याय के गीतों पर दर्शक देर तक झूमते रहे । वहीं अतुल पंडित ने बिहार के पारंपरिक गीतों पर लोगों को झुमाया। महोत्सव का उद्घाटन राज्य के अनुसूचित जनजाति/ अनुसूचित जनजाति एवं कल्याण मंत्री संतोष कुमार सुमन,जहानाबाद विधायक सुदय यादव,मखदुमपुर विधायक सतीश दास, घोसी विधायक रामबली यादव एवं जीप अध्यक्षा रानी कुमारी ने संयुक्त रूप से किया। वही इस मौके पर जहानाबाद के स्कूली छात्र छात्राएं एवं स्थानीय कलाकारों ने भी अपने गीतों पर उपस्थित दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
वाणावर में तीसरी शताब्दी ई.पू. बौद्ध गुफाएं हैं, जहां आजीवक संप्रदाय के तपस्वी रहा करते थे। मंत्री ने बताया कि बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनेक कारगर कदम उठाए गए हैं। वाणावर के विकास के लिए हमारी सरकार लगातार प्रयासरत है और यहां अगले मई माह तक पर्यटकों की सुविधा के लिए रोपवे बनकर तैयार हो जाएगा। इसके लिए कार्य प्रगति पर है और लगातार इसका मॉनिटरी यहां के प्रशासनिक पदाधिकारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बराबर में पर्यटन के असीम संभावनाएं हैं।
इस अवसर पर मखदुमपुर के राजद विधायक सतीश दास ने कहा कि बराबर एक ऐतिहासिक जगह है और यहां जितना विकास कार्य होने चाहिए थे अब तक नहीं हुए हैं और इस वाणावर स्थल को वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल होना चाहिए साथ ही साथ जंगल सफारी जिस तरह से नालंदा के राजगीर में है उसी तरह से जहानाबाद के वाणावर में भी बनाया जा सकता है। इसके लिए जल्द ही हम लोग उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव से मुलाकात कर इस बात को रखेंगे और संभावना है कि जल्द ही वाणावर के विकास होगी।
इस मौके पर आये प्रख्यात गायक और गायिका ने बताया कि जहानाबाद एक अच्छी जगह है और यहां जो वाणावर का इलाका है बहुत ही शांतिप्रिय स्थान है। इस इलाके का विकास होता है तो यहां पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि मैं भी बिहार की ही मिट्टी से जुड़ी हुई हूं और जहानाबाद के लोग अच्छे हैं।
बहरहाल सरकार वाणावर महोत्सव आयोजित कर एक अच्छी पहल कर रही है परंतु ऐतिहासिक वाणावर की विकास की जो गति होनी चाहिए वह दिखाई नहीं पड़ रही है। अगर वाणावर के इलाके को सही तरीके से विकसित किया जाए तो पर्यटन के साथ-साथ रोजगार के भी असीम संभावनाएं दिखती है।




