संतोष तिवारी की रिपोर्ट
बिहार के मुजफ्फरपुर में आज वल्ड एड्स दिवस पर RDS कॉलेज में एक कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिशु रोग विशेषज्ञ वरिष्ट डॉ अरुण शाह ने एड्स को लेकर आम लोगों को जागरूक करने के विचारों पर बल दिया और कहा की जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है,प्रतिवर्ष दुनियाभर के लोगों को एचआईवी संक्रमण के प्रति जागरूक करने के लिए 1 दिसंबर को वर्ल्ड एड्स डे मनाया जाता है। एड्स ह्यूमन इम्यूनोडेफिशियेंसी वायरस के संक्रमण के कारण होने वाला महामारी का रोग है. इस दिन को पहली बार 1988 में चिह्नित किया गया था। पूरा विश्व आज जिस एड्स दिवस को मनाता है, उसकी पहली बार कल्पना 1987 में थॉमस नेट्टर और जेम्स डब्ल्यू बन्न द्वारा की गई थी। विश्व एड्स दिवस के अवसर पर जागरूकता रैली का आयोजन किया गया है जिसकी शुरुआत विश्वविद्यालय से की गई , इस एड्स दिवस पर डॉ अरुण शाह ने कहा की अभी भी हमारे बीच एचआईवी का खतरा बना हुआ है। उन्होंने आज के दिन गर्भवती महिलाओं के लिए अपील की कि आप एचआईवी टेस्ट जरूर कराएं। राज्य सरकार के द्वारा इसकी व्यवस्था प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी कराई है। हम लोगों के द्वारा इस बात का पूरा ध्यान रखा जाता है किसी भी महिला या पुरुष का नाम पूरी तरह से उनकी आईडेंटिटी गोपनीय रखा जाता है। एड्स से डरने की बात नहीं है बेफिक्र होकर आ गया है और अपना जांच करवाएं। और क्या कहा उन्होंने उनके सम्बोधन का कुछ अंश
बाइट डॉ अरुण शाह वरिष्ट शिशु रोग विशेषज्ञ




