सीतामढ़ी में बनेगी माता सीता की 251 फ़ीट ऊँची प्रतिमा, रामायण रिसर्च काउंसिल ने शुरू की तैयारी

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रिपोर्ट – आदित्यानंद आर्य

रामायण रिसर्च काउंसिल के तत्वावधान में बिहार के सीतामढ़ी जिले में मां सीता की 251 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापना के लिए तैयारियां जोरों से चल रही हैं। इस संबंध में रामायण रिसर्च काउंसिल की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में सीतामढ़ी सांसद सुनील कुमार पिंटू और जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर हिमालयन योगी स्वामी विरेंद्रानंद जी महाराज द्वारा संयुक्त रूप से बताए गया की विश्व में पहली भगवान की सबसे बड़ी प्रतिमा डुमरा के राघोपुर बखरी में स्थापित होगी। इसके लिए राघोपुर बखरी के महंत ने काउंसिल को कुल 18 एकड़ 40 डिसिमल भूमि दान दी है। वहीं इसके विस्तार के लिए आसपास के किसानों ने भी काउंसिल को अपनी ज़मीन देने पर सहमति जताते हुए करीब 6 एकड़ भूमि का एग्रीमेंट कर दिया है। काउंसिल ने अब तक कुल 24.39 एकड़ भूमि का एग्रीमेंट कर लिया है। इस कार्य को कार्यान्वित करने के लिए गठित श्रीभगवती सीता तीर्थ क्षेत्र समिति के अध्यक्ष तथा स्थानीय सांसद श्री पिंटू ने बताया कि अभी और भूमि के अधिग्रहण के लिए वह किसानों से निरंतर संपर्क में हैं, जो जल्द ही पूर्ण कर लिया जाएगा। सांसद ने बताया कि उन्होंने इस स्थल के आसपास की कुल 33.86 एकड़ भूमि का रजिस्ट्री-शुल्क माफ करने के लिए सीतामढ़ी निबंधन कार्यालय के माध्यम से प्रस्ताव बिहार सरकार को भेज दिया है, जिस पर स्वीकृति मिलने के बाद उसे वृत विभाग के पास भेज भी दिया गया है। माता सीताजी एकमात्र ऐसी आदर्श उदाहरण हैं जिन पर यह कार्य करने से नारी सशक्तिकरण को बड़ा बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस कार्य के पूरा होने के बाद यह स्थल विश्व की नारी समाज का प्रेरणा एवं दर्शन का केंद्र बनेगा। वहीं, ज्योतिषाचार्य आचार्य संतोष पाण्डेय ने कहा कि आज के युवाओं को माता सीताजी का भगवती के रूप में दर्शन का भाव सके, इसके लिए कुछ पुस्तिकाएं बनाकर उनका अधिक से अधिक प्रसार किया जाएगा।

जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर हिमालयन योगी स्वामी वीरेंद्रानंद जी महाराज ने बताया कि काउंसिल के मुख्य मार्गदर्शक श्री श्री 1008 परमहंस स्वामी सांदीपेंद्र जी महाराज उस स्थान को एक शक्ति-स्थल के रूप में विकसित करना चाहते हैं। इसके लिए 51 शक्तिपीठों समेत, इंडोनेशिया, बाली, अशोक वाटिका जैसे स्थानों से मिट्टी व जल जाकर तथा मध्य प्रदेश में नलखेड़ा स्थित माता बगलामुखीजी की ज्योत लाकर माता सीताजी को श्रीभगवती के रूप में स्थापित किया जाएगा।

बाइट ———– स्वामी वीरेंद्रानंद जी महाराज, महामंडलेश्वर, जूना अखाड़ा

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