संतोष तिवारी की रिपोर्ट :-
मुज़फ़्फ़रपुर नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के तीसरे दिन सोमवार को सिकंदरपुर स्थित मां विंध्यवासिनी नगर में अयोध्या से आए कथा व्यास साध्वी सृष्टि लता रामायणी मानस मंजरी ने शिव चरित्र का सुन्दर वर्णन किया। व्यास ने मां पार्वती के जन्म, कामदेव के भस्म होने और भगवान शिव द्वारा विवाह के लिए सहमत होने की कथा सुनाई।राजा दक्ष प्रजापति ने भगवान शंकर का अपमान करने के लिए महायज्ञ का आयोजन किया था। जिसमें उसने भगवान शिव को छोड़कर समस्त देवताओं को आमंत्रण भेजा था। भगवान शंकर के मना करने के बाद भी सती अपने पिता के यहां जाने की इच्छा जताई तो भगवान शंकर ने बिना बुलाए जाने पर कष्ट का भागी बनने की बात कही। इस दौरान श्रोतागन भाव विभोर हो गए।




