धीरज शर्मा की रिपोर्ट
विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर आई एम ए हॉल में डॉक्टरों ने इसके बचाओ के लिए दिए कई टिप्स!
आज विश्व मधुमेह दिवस के मौके पर आई एम ए भागलपुर एवं एपीआई भागलपुर ने संयुक्त रूप से डायबिटीज अवेयरनेस प्रोगाम का आयोजन प्रेस वार्ता द्वारा लोगों तक जागरूकता पहुंचाने के लिए किया। क्योंकि डायबिटीज एक साइलेंट किलर है जो शरीर के विभिन्न अंगों को नुकसान पहुंचाता है। डॉक्टर संजय सिंह अध्यक्ष आईएमए भागलपुर ने कहा डायबिटीज से बचने के लिए लोगों में जागरूकता लाना बहुत जरूरी है क्योंकि बहुत से लोगों को पता भी नहीं चलता है कि उन्हें डायबिटीज है वह सही समय पर डॉक्टर से सलाह लें। डॉ डीपी सिंह एपीआई नेशनल एक्सिक्यूटिव मेंबर ने कहा कि डायबिटीज का कैपिटल भारत बन चुका है इसका कारण लाइफस्टाइल एवं गलत खानपान है। 7 करोड़ लोग भारत में डायबिटीज के मरीज है और 7 करोड़ प्रीडायबिटीज हैं यानी डायबिटीज के दहलीज पर हैं। लोगों में जागरूकता लाकर इस बीमारी को रोका जा सकता है, जिससे कल बेहतर हो। उन्होंने कहा कि खाने में हरी सब्जी फल का सेवन कम करना और कार्बोहाइड्रेट और खाने वाले तेल का इस्तेमाल ज्यादा करना प्रोटीन का इस्तेमाल कम करना इस बीमारी को दावत देना है। जीवन शैली में बदलाव के लिए खानपान अहम होता है हम लोग आलसी हो गए हैं मोबाइल और टीवी का इस्तेमाल ज्यादा कर रहे हैं और टहलना छोड़ दिया है अगर डायबिटीज से बचना है तो रेगुलर एक्सरसाइज सुबह या शाम में टहलना साइकिलिंग से इस बीमारी से बचा जा सकता है अगर आप डायबिटीज है तो हर आधे घंटे के बाद थोड़ा टहल ले। रात में 10:00 बजे सो जाएं और सुबह 5:00 बजे उठ जाए 7 घंटा सोना सेहत के लिए जरूरी है इन छोटी-छोटी बातों पर आप चलकर इस बीमारी से बच सकते हैं क्योंकि अगर यह बीमारी हो गई तो आपको हार्ट प्रॉब्लम किडनी का प्रॉब्लम नस का प्रॉब्लम हो सकता है और फिर अचानक मौत आ जाती है इसलिए इस डायबिटीज जैसी बीमारी से बचने के लिए कार्यशैली और खानपान को बदलना होगा। डॉ एके सिन्हा वरीय चिकित्सक ने कहा कि डायबिटीज में डॉक्टर सिर्फ दिशा निर्देश दे सकते हैं लेकिन मरीजों का योगदान बहुत अहम होता है तभी वह इस बीमारी से बच सकते हैं क्योंकि इस बीमारी से हॉट किडनी और आंखों पर असर पड़ता है 30 से 45 मिनट मॉर्निंग वॉक करें और एक्सरसाइज लिमिट में करें। उन्होंने कहा कि ग्लूकोमीटर से शुगर मापने के लिए सिर्फ फास्टिंग और पीपी ही नहीं बल्कि दिन भर 4 बार शुगर टेस्ट करें महीने में कम से कम एक दो बार क्योंकि मरीजों में ग्लाइसेमिक वेरिएशन बहुत होता है अगर शुगर लेवल 70 से 170 तक है तो डरने की जरूरत नहीं है अपनी लाइफ स्टाइल को ठीक रखें आप इस बीमारी से बच सकते हैं डॉक्टर आर पी जयसवाल सचिव एपीआई भागलपुर ने कहा कि डायबिटीज का पता चलाने के लिए सबसे पहले आंख की जांच होनी चाहिए जिससे यह पता चले थे डायबिटीज होने से आंख पर क्या असर पड़ा है। डॉक्टर भारत भूषण अध्यक्ष एपीआई भागलपुर ने कहा कि डायबिटीज होने पर डॉक्टर के बताए हुए सलाह पर चलें और रेगुलर जांच कराते रहें डॉ संजय कुमार ने कहा कि जिन्हें डायबिटीज हो गया है उन्हें अपनी आंख की जांच बराबर करते रहना चाहिए क्योंकि डायबिटीज होने पर उसका असर आंख पर भी पड़ता है। अंत में डॉ मनीष कुमार सचिव आई एम ए भागलपुर ने कहा कि डायबिटीज काफी तेजी से बढ़ रहा है और अभी भी बहुत से लोगों को यह जानकारी नहीं है उन्हें डायबिटीज है आई एम ए और एपीआई भागलपुर लोगों में जागरूकता लाने के लिए कुछ- कुछ दिनों पर फ्री मेडिकल कैंप का आयोजन करती हैं आज डॉक्टर आरपी जायसवाल के क्लीनिक में एक डायबिटीज कैंप का आयोजन किया गया जिसमें लगभग 40 मरीजों की शुगर का टेस्ट किया गया और जिन्हें शुगर डिटेक्ट हुआ उन्हें दवा दी गई इस कार्यक्रम में सैयद zeejah हुसैन और विश्वजीत चौधरी भी उपस्थित थे।




