कार्यकारी संपादक पंकज कुमार ठाकुर विधानसभा उपचुनाव विश्लेषण!
भाजपा के वोटरों में जबरदस्त उछाल, आसान नहीं होगा लोकसभा में भाजपा का किला भेदना!
मोकामा विधानसभा उपचुनाव भले ही भाजपा जीत नहीं पाई! लेकिन ताबड़तोड़ जनमानस पर सवार भाजपा ने पहली बार में ही सबको चौका दिया! दरअसल मामले को समझें भाजपा इस बार पहली बार मैदान में थी! इससे पहले वह जदयू के साथ चुनाव लड़ा करती थी विधानसभा या लोकसभा में जबकि इस बार महागठबंधन को अकेले भाजपा ने जीत का अंतर एकाएक 2 गुना से कम कर दिया, 2020 में अनंत सिंह उर्फ छोटे सरकार 35000 वोटों से जीत हासिल किया था। राजद के टिकट पर खड़ा थे तो जदयू को हराया था। हालांकि यह बात दीगर है कि चिराग पासवान का बाबरी भारतीय जनता पार्टी को विधानसभा उपचुनाव में पूरी तरह से सपोर्ट रहा, और इसका अच्छा खासा नतीजा भी दिखा। मामले को अगर आप पूरी तरह से टटोलकर जाएंगे तो कहीं ना कहीं भाजपा की सभी रणनीति आपको समझ में आने लगेगी। दरअसल कई राज्यों में भाजपा की स्थिति ठीक-ठाक नहीं रही है विधानसभा चुनाव, क्योंकि राजनीति विश्लेषक बताते हैं कि आने वाले 24 के लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी बंगाल के रास्ते ही बिहार में प्रवेश करना चाहती है। और बाकायदा उन्होंने अपनी फील्ड भी तैयार की इसके लिए पहले उन्होंने मोकामा विधानसभा का मंथन कर सबसे अंतिम अपने उम्मीदवार का नाम का ऐलान किया। और काफी मंथन के बाद अब भाजपा ने बाहुबली ललन सिंह की पत्नी सोनम देवी को फूल पकड़ा दिया। क्योंकि केंद्र जानती है इस भूमि यारों के गढ़ में AK47 का जवाब ak56 ही दे सकता है। क्योंकि इस मोकामा में ही भाजपा के कई ऐसे दिग्गज हैं। जिन्होंने अपनी जिंदगी संघ और भाजपा के लिए ही गुजारी। टटोलतेआपकी हथेली खाली ही मिलेगी ! बरहाल 20 के विधानसभा चुनाव पर अगर आप नजर डालें तो इस बार जदयू का जनाधार जबरदस्त माइनस में नजर आ जाएगा आपको। इस बार अगर महागठबंधन साथ था तो वोटों की कुल संख्या सवा लाख के करीब होना चाहिए! लेकिन महज 79,700 तो भाजपा 63000 अब जरा आकलन देखें राजद जदयू को अकेले 35000 वोटों से हारती है! और इस बार अजब महागठबंधन साथ दें तो महज 16 हजार। तो कहना लाजमी होगा हार कर भी भाजपा यहां बाजीगर बना रहा!




