EWS पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वागत योग्य, होनी चाहिये जातिगत जनगणना, बढ़ाई जाय 50% आरक्षण का लिमिटेशन – मुख्यमंत्री

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अमित कुमार की रिपोर्ट :-

सुप्रीम कोर्ट में सवर्णों को 10% दिए गए आरक्षण को बरकरार रखा है। इस को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा 10 परसेंट का आरक्षण पहले से ही निर्धारित था। हम लोगों ने भी कहा था और सुप्रीम कोर्ट ने भी कह दिया, यह ठीक ही है जो हुआ है बाकी जो है यह जरूरी है कि एक बार जाति आधारित जनगणना ठीक से हो जाए दूसरी बात जो है आरक्षण जो 50% ही निर्धारित है उसमें अनुसूचित जाति और जनजाति जिनकी आबादी है उस हिसाब से हम लोग उनको आरक्षण देते हैं ओबीसी ओबीसी को आबादी के हिसाब से आरक्षण नहीं मिल पाता है इसलिए जो 10% आरक्षण हो गया यह काफी अच्छा है यह जो 50% का लिमिटेशन है उसको बढ़ाना चाहिए पूरे देश का सब का आकलन होना चाहिए ताकि किन का क्या आबादी है उस हिसाब से आरक्षण दिया जाए हम लोग बिहार में जाति आधारित जनगणना की मांग कर रहे हैं उन्होंने नहीं करवाया लेकिन हम लोग अपना बिहार में करवा रहे हैं और इससे लोगों की आर्थिक स्थिति भी पता चलेगी लोगों की स्थिति को सुधारने के लिए हम लोगों ने सोचा है चाहे वह गरीब हो अमीर हो किसी भी जाति का हो हम लोग सबकी मदद करेंगे अगर यह पूरे देश भर में हो जाए और यह जो 50% का लिमिटेशन है वह बढ़ जाए तो और भी अच्छा होगा

बाइट:-नीतीश कुमार, सीएम बिहार

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