रिपोर्ट : – अमित कुमार
पटना सिटी नियम कानून की सीमा में विवाहिता के शव अंतिम संस्कार के लिए घण्टो पड़ा रहा
मृतिका के नवजात बच्चे के गायब होने पर मचा हड़कंप
अस्पताल प्रबंधन व पुलिस के सहयोग से शव का हुआ अंतिम संस्कार और नवजात भी सुरक्षित पिता को मिला
पटना सिटी। एसजीजीएस अस्पताल में एक नवजात के गुम होने व विवाहिता के अंतिम संस्कार को लेकर अजीबोगरीब घटना हुई। जहां नवजात के गुम होने पर अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए हड़कंप मचा रहा। वहीं विवाहिता के पति घण्टों इस उधेड़बुन में रहा कि पत्नी का अंतिम संस्कार हिन्दू रीति से करें या मुस्लिम विधि से। दरअसल आलमगंज थाना क्षेत्र के जयहिन्द गली, गायघाट का रहनेवाला मो साहिल पास के ही सोनी कुमारी से एक साल पहले प्रेम विवाह किया था। मंगलवार को सोनी को प्रसव हुआ और उसने एक नवजात को जन्म दी थी। मगर प्रसूति की तबियत बिगड़ने से उसे जीजीएस अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद युवक साहिल ने शव को लेकर खाजेकलां घाट दाह संस्कार के लिए ले गया। जहां मृतका के नाम के साथ परवीन शब्द जुड़े होने से कर्मियों ने दाह संस्कार कराने से इंकार कर दिया। जिस कारण मृतका का शव तीन घन्टे तक एम्बुलेंस में ही पड़ा रहा। अंत में अस्पताल प्रशासन ने खाजेकलां थाना पुलिस की सहायता मांगी। मामले की जानकारी होते ही दारोगा अर्जुन सिंह दलबल के साथ अस्पताल पहुंचे और मामले की छानबीन की।
मौके पर पहुंचे दारोगा अर्जुन सिंह व अस्पताल प्रबंधक मो शब्बीर अहमद ने पूर्व वार्ड पार्षद गुल्फिंशा जवी उर्फ शुगन से बात कर मृतका का अंतिम संस्कार कराया। साथ ही गुम हुए नवजात भी बरामद कर पिता मो साहिल के हवाले कराया।
बाईट : – पुलिस
बाईट : – अस्पताल प्रशासन




