AMU के संस्थापक सर सैयद अहमद खां की 205 वीं जयंती मनाई गई!

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पंकज कुमार जहानाबाद।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैयद अहमद खां की 205वीं जयंती को कायनात फाउंडेशन के संस्थापक शकील अहमद काकवी, पूर्व छात्रों ने ‘सर सैयद डे’ के नाम से कायनात नगर काको जहानाबाद में मनाया गया। इस मौके पर दो दिवसीय वर्ल्ड एलुमिनी मीट 2022 का आयोजन किया गया. जिसमें मशहूर आलीम ए दीन के अलावा इस दौरान बिहार सरकार में विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह , इस मौके पर जहानाबाद के माननीय विधायक सुदय यादव बुनियाद फाउंडेशन के CEO मिन्नत रहमानी सामाजिक कार्यकर्ता अरसद इमाम , जी, कृष्ण विज्ञान केंद्र पटना के सहायक शिक्षाविद आफताब आलम, जिला योजना पदाधिकारी सुभाष दास , कायनात इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन शकील अहमद जहानाबाद जिला के दर्जनों शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में बच्चे एवं अन्य लोग मौजूद रहे। बीते दो सालों से कोविड प्रतिबंधों की वजह से इसका आयोजन रद्द हो गया था या फिर इसे ऑनलाइन मनाया गय था इस कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री सुमित कुमार सिंह जी अपने पूज्यनीय पिताजी स्वर्गीय नरेंद्र सिंह जी के नाम पर निर्मित नरेंद्र सिंह मेमोरियल हॉल का भी उद्घाटन किया। इस मौके पर बिहार सरकार में विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुमित कुमार सिंह ने कहा कि हिंदू मुस्लिम हिंदुस्तान की दो खूबसूरत आंखें हैं। दोनों का धर्म अलग हो सकता है, लेकिन दोनों की आत्मा हिंदुस्तान में बसी हैं। सर सैयद अहमद खान के ये शब्द भारत की अखंडता और एकता को प्रदर्शित करते हैं।सर सैयद अहमद खान जी ने मुस्लिम समुदाय के लिए शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी योगदान दिया था। जीवन में तमाम उतार चढ़ाव के बावजूद सर सैयद अहमद खान ने अपना प्रयास जारी रखा। उन्होंने भारत पर एक अमिट छाप छोड़ी है मैं सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं और कायनात फाउंडेशन को इस शानदार आयोजन के लिए धन्यवाद ज्ञापित करता हूं। इस समर्पण भाव से समाज और देश को बेहतर बनाने का प्रयास काबिल ए तारीफ है। अपने हर इलाके में जदीद तालीमी इदारे खोलना कितना जरूरी है,ये जामिया और अलीगढ़ यूनिवर्सिटीज़ ने हमे खुलकर बता दिया है. पढ़ो क्योंकि तुम्हें सर सैय्यद अहमद खां, मौलाना मोहम्मद अली जौहर और मौलाना अबुल कलाम आज़ाद और शकील काकवी के सपनों को पूरा करना है। पढ़ो क्योंकि तुम्हें सर उठाकर चलना है। हमारे गाँव के ये जनाब शकील काकवी यहां उन्होंने गांव के लोगों की दिक्कतों को समझा, रिसर्च किया और फिर कायनात इंटरनेशनल स्कूल काको की शुरुआत क्या। शिक्षा एकमात्र तरीका है, जिससे कोई भी समाज में सार्थक योगदान दे सकता है, क्योंकि इसमें पीढ़ियों को बदलने की एक ताकत है। जहानाबाद जिला के अकेला अल्पसंख्यक सी बी एस सी नई दिल्ली से मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्था कायनात इंटरनेशनल स्कूल, काको, जहानाबाद के बानी व सरबराह मोहतरम शकील अहमद काकवी है। दुनियाभर में फैले पूर्व छात्रों को आपस में जोड़ने में सबसे बड़ा योगदान AMU के तराने का है. विश्वविद्यालय का हर छात्र अलीगढ़ मूवमेंट से जुड़े हर शख्स के दिल में ये तराना पैवस्त है. इस दिन को हर छात्र और पूर्व छात्र अपनी शैली में यादगार बनाने की ख़्वाहिश रखता है. मसीहा-ए- क़ौम’ सर सय्यद अहमद ख़ान के जन्मदिवस के मौके पर आप सभी को मुबारकबाद जो काम सर सय्यद अहमद ख़ान ने शुरू किया था वह जारी रहना चाहिए दौरे-ए-माज़ी में मुस्लिम क़ौम और ख़ास कर इंसानियत को सियासी, समाजी, तालीमी मैदान में तरक्क़ी के लिए सर सय्यद अहमद ख़ान के विचारों रास्तों को अपनाना होगा ताकि इस मुल्क़, मआसरे और तहज़ीब को एक नई दशा और दिशा दी जा सके जो अमन, भाईचारे और मोहब्ब्बत का पैग़ाम लोगों तक पहुंचायें. तालीम ,तहज़ीब व इंसानियत के मसीहा ,समाज सुधारक ,बहतरीन प्रशासक ,मोहसिन ए मुल्क व मिल्लत सर सैयद अहमद ख़ान साहब के 205 वें यौमे पैदाइश के मौक़े पर हम सब उनको खिराज ए अक़ीदत पेश करते हैं अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक मुस्लिम स्कॉलर सर सैयद अहमद खान की कुर्बानी को दो लफ्जो में बयां ना किया जा सके अल्लाह उनकी मगफिरत करें उनके दर जात को बुलंद करें और हम सब को उनके ख्वाबों की ताबीर बनने की तौफीक अता करें.

शाम दर शाम जलेंगे तेरी यादों के चिराग़,
नस्ल दर नस्ल तेरा दर्द नुमाया होगा

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