रिपोर्ट -अनमोल कुमार!
4G से 20 गुना तक ज्यादा इंटरनेट स्पीड मिल सकेगा
फिलहाल 13 शहरों के यूजर्स इसका फायदा उठा सकेंगे
नई दिल्ली : आखिरकार आज इंतजार खत्म हुआ और भारत 5G इंटरनेट के युग में प्रवेश कर गया। दिल्ली के प्रगति मैदान में आज 1 अक्टूबर से शुरू हुए इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2022 आयोजन के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में 5G इंटरनेट सेवाएं लॉन्च कर दी हैं। देश में सबसे पहले इंडस्ट्रीज और फिर बाकी यूजर्स के लिए ये 5G सेवाएं रोलआउट की जाएंगी। लगभग सभी टेलिकॉम कंपनियों ने 5G के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं।
हालांकि, अभी केवल 8 शहरों में इनका फायदा मिलेगा फिर आगे चलकर पूरे देश में इसका विस्तार होता जाएगा।
शोकेस किए गए 5G सेवाओं के इस्तेमाल, सॉल्यूशंस और उनसे जुड़ी संभावनाओं के प्रदर्शन में भी प्रधानमंत्री ने हिस्सा लिया और इनके काम करने का तरीका समझा। इस आयोजन में 100 से ज्यादा स्टार्ट-अप्स ने भी हिस्सा लिया है, जो 5G से जुड़े सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर सॉल्यूशंस पर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने इंटरनेट की 5वीं पीढ़ी के साथ आने वाले बदलावों को समझने के लिए पूरा वक्त लिया और समझा कि अलग-अलग क्षेत्रों पर इसका क्या-क्या असर पड़ेगा।
पहले चरण में इन शहरों में मिलेंगी सेवाएं
इस संबंध में दूरसंचार विभाग ने बताया है कि 5G सेवाओं का फायदा सबसे पहले 13 शहरों में रहने वाले यूजर्स को मिलेगा। इन शहरों में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, चंडीगढ़, बेंगलुरु, गुरुग्राम, हैदराबाद, लखनऊ, पुणे, गांधीनगर, अहमदाबाद और जामनगर शामिल हैं। इसके बाद साल के आखिर तक बाकी बड़ी शहरों और अगले साल अन्य सर्कल्स में भी 5G सेवाओं से जुड़ा नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
5G सेवाएं इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को 4G के मुकाबले 20 गुना तक तेज इंटरनेट स्पीड का फायदा मिल सकता है और वे 20 जीबीपीएस तक स्पीड अनुभव कर सकेंगे। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय ग्राहक 5G सेवाओं में अपग्रेड के लिए 45 फीसदी तक प्रीमियम देने को तैयार हैं। जानकारी के मुताबिक, देश में 5G रेडी स्मार्टफोन्स वाले 10 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं।
तेज होगी विकास की गति
संचार से जुड़ी नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और मशीन लर्निंग जैसे अहम क्षेत्रों में किया जा सकेगा। नई टेक्नोलॉजी का फायदा सिर्फ इंटरनेट यूजर्स को ही नहीं मिलेगा बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, मैन्युफैक्चरिंग, उद्योग, आपदा प्रबंधन और कृषि जैसे क्षेत्रों में भी इसे लागू किया जा सकेगा।




