माँ नेतुला धाम में आज से श्रद्धालुओं का आगमन शुरू,26 सौ साल पुराना इतिहास!

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रिपोर्ट -पुरूषोतम कुमार

जमुई जिला के सिकंदरा प्रखंड स्थित कुमार गांव में होती है नवो दिन विधि विधान से नौ माता की होती है पूजा अर्चना

जमुई जिला सिकंदरा प्रखंड स्थित पांच किलो मीटर पर स्थित कुमार माता नेतुला मंदिर की प्रांगण में देश विदेशों से आकर कष्टि देते हैं और नवो दिन माता के परागण में रहकर फलहारी और निर्जला के रूप में मंदिर में नवरात्रा करती है और अपनी मनोकामना प्राप्त करती है

आज है नवरात्रि का पहले दिन शैलपुत्री माता की पूजा की जाती है
नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना कर पूजन किया जाता है. नवरात्रि का पर्व 9 दिनों तक बड़े ही धूम- धाम से मनाय जाता है. इसक…
आज से यानी 26 सितंबर, 2022 से नवरात्रि के पावन पर्व की शुरुआत हो रही है. नवरात्रि का पर्व 9 दिनों तक बड़े ही धूम- धाम से मनाय जाता है. मां शैलपुत्री को अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. अगर हमारे जीवन में स्थिरता और शक्ति की कमी है तो मां शैलपुत्री की पूजा अवश्य करनी चाहिए.
नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना और उसका पूजन किया जाता है- इसके बाद मां शैलपुत्री का पूजन किया जाता है- माता शैलपुत्री देवी पार्वती का ही एक रूप हैं जो नंदी पर सवार, श्वेत वस्त्र धारण करती हैं- उनके एक हाथ में त्रिशुल और एक हाथ में कमल विराजमान है- मां शैलपुत्री को धूप,दीप,फल,फूल,माला,रोली,अक्षत चढ़ा कर पूजन करें- मां शैलपुत्री को सफेद रंग प्रिय है, इसलिए उनको पूजन में सफेद फूल और मिठाई अर्पित करना चाहिए- इसके बाद मां शैलपुत्री के मंत्रों का जाप कर, पूजन का अंत मां शैलपुत्री की आरती गा कर करना चाहिए-

बाइट –पंडित जी
बाइट — मंदिर समिति सदस्य हरदेव सिंह

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