जू. डॉक्टरों के आगे झुकी नीतीश सरकार, इंटर्न का मानदेय 5000 बढ़ा

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रिपोर्ट -अनमोल कुमार :-

पटना : बिहार में पिछले दिनों हुई जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के बाद नीतीश सरकार ने उनके मानदेय में बढ़ोतरी की है। अब सूबे के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस इंटर्न का मानदेय 5000 रुपये प्रतिमाह की दर से बढ़ा दिया गया है। सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इस फैसले पर मुहर लगाई गई। हालांकि मेडिकल इंटर्न छात्रवृत्ति में दोगुने से ज्यादा की बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे।

आज मंगलवार को नीतीश कैबिनेट की बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इसमें मेडिकल इंटर्न के मानदेय में बढ़ोतरी का फैसला भी शामिल है। खबर के मुताबिक राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में तैनात एमबीबीएस इंटर्न को अब 15000 के बजाय 20,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा।
बता दें कि मानदेय में बढ़ोतरी के लिए जूनियर डॉक्टरों ने तीन दिन तक हड़ताल की थी, इस कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। जूनियर डॉक्टर मानदेय को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 35,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग कर रहे थे। लेकिन फिलहाल 5000 रुपये की वृद्धि की गई है।
डेंटल व आयुर्वेद अस्पतालों के इंटर्न का मानदेय भी बढ़ा
कैबिनेट की बैठक में एमबीबीएस छात्रों के अलावा पटना डेंटल कॉलेज के इंटर्न का मानदेय भी 15,000 से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रतिमाह करने की मंजूरी दी गई। इसी तरह आयुर्वेदिक, यूनानी और होमियोपैथी अस्पतालों के जूनियर डॉक्टरों का मानदेय 5000 रुपये प्रतिमाह बढ़ाया गया है। फिजियोथेरेपी और अकुपेशनलथेरेपी के इंटर्न का मानदेय 11,000 से बढ़कर 15,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक बढ़ी हुई राशि का लाभ इंटर्नों को इसी महीने से मिल जाएगा। इस फैसले से अस्पतालों का सुचारू ढंग से संचालन हो सकेगा और मरीजों को मेडिकल सुविधा मिल सकेगी।

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