मुजफ्फरपुर /बिहार
संतोष तिवारी की रिपोर्ट :-
शिक्षिका 33 साल की नौकरी के बाद बर्खास्त की गई हैं। 1980 से महिला शाखा संवर्ग में हुई नियुक्तियों में सीबीआई जांच रिपोर्ट के आधार पर विभागीय स्तर पर समीक्षा और जांच कर 8 साल बाद कार्रवाई की गई है। जिले के रामबाग टीचर ट्रेनिंग स्कूल डायट में शिक्षिका कार्यरत हैं। अनियमित व अवैध नियुक्ति पर आरडीडीई जीवेन्द्र झा ने कार्रवाई की है।
वर्ष 2014 में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने महिला शाखा सर्वर्ग के तहत हुई नियुक्ति
में जांच रिपोर्ट सौंपी थी। 8 साल बाद तिरहुत प्रमंडल में कार्रवाई हो रही है। इससे पहले कई बार राज्य स्तर पर इसमें जवाब मांगा जा रहा था, मगर फाइलें दबी हुई थीं। आरडीडीई ने जांच के बाद अब तक जिला समेत तिरहूत प्रमंडल की कई शिक्षिकाओं पर कार्रवाई की है। सेवानिवृत हो चुकी इन शिक्षिकाओं की नियुक्ति अवैध पाई जाने पर आरडीडीई ने पेंशन बंद करने की कार्रवाई की।
मुजफ्फरपुर और वैशाली जिले में यह पहला मामला है, जिसमें शिक्षिका कार्यरत थी और सेवा बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है। प्रदेशभर में डेढ़ सौ से अधिक शिक्षिकाओं की नियुक्ति केन्द्रीय जांच ब्यूरो की जांच में अवैध मिली थी। अवैध नियुक्ति वाली शिक्षिकाओं में से दस से अधिक की मौत हो चुकी है, वहीं अधिकतर शिक्षिका सेवानिवृत हो चुकी हैं।
जांच शुरू हुई तो सेवा पुस्तिका में नाम बदला
आरडीडीई जीवेन्द्र झा ने बताया कि शिक्षिका की नियुक्ति अप्रैल 1989 द्वारा मैट्रिक प्रशिक्षित सहायक शिक्षिका के पद पर पूर्णत: अस्थायी रूप से रंजना कुमारी अंकित करते हुए की गई थी। जांच शुरू होने के बाद इनके द्वारा अपनी सेवा पुस्तिका आदि में रंजना कुमारी के स्थान पर मात्र रंजना अंकित कर आज तक सेवा में बनी हुई हैं। आरडीडीई ने कहा कि संबंधित शिक्षिका को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया, मगर कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी। रंजना की नियुक्ति में प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
बाइट :- जीवेन्द्र झा RDD




