प्रशांत किशोर को नहीं पता है बिहार का एबीसी भी : नीतीश!

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रिपोर्ट -अनमोल कुमार :-

भाजपा में जाने का होगा मन, इसलिए ऐसी बयानबाजी कर रहें
अलग-अलग पार्टियों का साथ करना प्रशांत का बिजनेस है

नई दिल्ली : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली में विपक्षी दलों को एकजुट करने की मुहिम में जुटे हुए हैं। इस क्रम में राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, शरद पवार, मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव और वाम नेताओं समेत कई बड़े नेताओं से वे अब तक मिल चुके हैं। बुधवार को नीतीश कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने अपने पुराने राजनीतिक सलाहकार प्रशांत किशोर पर निशाना साधा। प्रशांत किशोर के बीत दिनों के बयानों को लेकर कहा कि हो सकता है उनका मन भाजपा में जाने का हो, इसलिए वो ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने प्रशांत किशोर की भाजपा की मदद करने की मंशा की संभावना भी जताई। नीतीश कुमार ने कहा कि अलग-अलग पार्टियों के साथ करना प्रशांत किशोर का बिजनेस है। हमें इससे कोई मतलब नहीं है कि वह किसके लिए काम कर रहे हैं। बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर के अस्तित्व को लेकर नीतीश ने कहा कि प्रशांत किशोर को बिहार का एबीसी भी नहीं पता है। साल 2005 के बाद से क्या-क्या हुआ है इसका उन्हें अंदाजा भी नहीं है। प्रशांत किशोर के पिछले बयानों पर सवालिया निशान लगाते हुए नीतीश कुमार ने तंज कसा कि उनका मन भाजपा में जाने का हो सकता है इसलिए बीते दिनों से ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं। साल 2020 में प्रशांत किशोर को जदयू से बर्खास्त कर दिया गया था जिसके बाद उन्होंने घोषणा की थी कि उनका फोकस बिहार पर रहेगा।

काम कर रहे हैं हम, कुछ लोगों का काम ही है आरोप लगाना
नीतीश कुमार ने कहा कि 2005 के बाद से उनकी पार्टी और बिहार में उनकी सरकार लगातार काम कर रही है। कई लोग केवल बयानबाजी करने का काम करते हैं। नीतीश ने कहा कि उनकी सरकार में बिहार में परिवर्तन आया है, लेकिन कुछ पार्टियों और लोगों का केवल एक ही काम है कि सरकार पर आरोप लगाते रहें।
तीसरा मोर्चा नहीं, मुख्य मोर्चा बनाएगा विपक्ष
सीएम नीतीश कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि विपक्षी दल आपस में मिलकर तीसरा मोर्चा नहीं, मुख्य मोर्चा बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह विदेश से लौटने पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मुलाकात करेंगे। वे चिकित्सा जांच के लिए विदेश में हैं।

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