रिपोर्ट – सुमित कुमार!
-मुंगेर: किला परिसर स्थित इनडोर स्टेडियम में गुरुवार को चार दिवसीय पुस्तक मेले का भव्य शुभारंभ जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर, उप विकास आयुक्त अजीत कुमार सिंह एवं आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. चंद्र भूषण सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन समारोह के दौरान जिले के कई साहित्यकारों और कवियों की पुस्तकों का भी लोकार्पण किया गया।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर ने कहा कि लगभग 12 वर्षों के बाद मुंगेर में पुस्तक मेले का आयोजन किया जा रहा है, जो जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि मेले में विभिन्न विषयों की उत्कृष्ट पुस्तकें उपलब्ध हैं। शहरवासियों को इसका लाभ उठाते हुए अच्छी पुस्तकों का अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुस्तकें व्यक्ति के ज्ञान, विचार और व्यक्तित्व के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं तथा जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बनती हैं।जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में बच्चों की पुस्तकों के प्रति रुचि लगातार कम होती जा रही है। ऐसे में उन्हें पुस्तक मेलों से जोड़ने और पढ़ने की आदत विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों को पुस्तकों के प्रति प्रेरित करने की अपील की।
बाइट : निखिल धनराज निप्पणीकर जिलाधिकारी मुंगेर
उप विकास आयुक्त अजीत कुमार सिंह ने कहा कि पुस्तकें मनुष्य की सच्ची मित्र होती हैं। जीवन में यदि अकेलेपन को दूर करना है तो पुस्तकों से बेहतर साथी कोई नहीं हो सकता। पुस्तकें न केवल ज्ञानवर्धन करती हैं, बल्कि व्यक्ति के चिंतन और दृष्टिकोण को भी समृद्ध बनाती हैं।
बाइट : अजीत कुमार सिंह उप विकास आयुक्त
आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. चंद्र भूषण सिंह ने बताया कि चार दिनों तक चलने वाला यह पुस्तक मेला मुंगेर की सांस्कृतिक और साहित्यिक परंपरा को नई पहचान देगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन नई पीढ़ी को पुस्तकों, साहित्य और संस्कृति के प्रति आकर्षित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। ज्ञान, साहित्य और संस्कृति का यह संगम मुंगेरवासियों के लिए एक यादगार उत्सव साबित होगा।
बाइट : डॉक्टर चंद्र भूषण सिंह आयोजन समिति के अध्यक्ष




