रिपोर्ट -अनमोल कुमार:-
भाजपा, आजसू, सरयू राय व अमित यादव ने किया वॉकआउट
पक्ष में 48 जबकि विपक्ष में शून्य वोट पड़े
रांची : झारखंड में आज हेमंत सोरेन सरकार ने भाजपा के वॉकआउट के बीच विश्वासमत साबित कर दिया। इसके लिए एक दिवसीय विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया था। इस सत्र में सरकार ने सदन में विश्वास प्रस्ताव पेश किया जिसपर चर्चा की गई। फिर सरकार ने पहले ध्वनि मत से सदन में बहुमत साबित किया। इसके बाद मत विभाजन के जरिए सरकार के पक्ष में 48 जबकि विपक्ष में शून्य वोट पड़े। इसके बाद स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। विश्वासमत पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी ने एक आदिवासी को राष्ट्रपति बनाया है, लेकिन एक आदिवासी से मुख्यमंत्री की कुर्सी छीनने की कोशिश कर रही है। चर्चा के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच काफी शब्दबाण चले। इसके बाद स्पीकर ने सदस्यों से सरकार द्वारा पेश किए विश्वास प्रस्ताव के पक्ष या विपक्ष में वोट डालने के लिए कहा। वोट डालने से पहले ही भाजपा, आजसू, सरयू राय और अमित यादव ने सदन से वॉकआउट कर लिया। जबकि एनसीपी ने सरकार का साथ दिया। मत विभाजन के दौरान सरकार के पक्ष में 48 जबकि विपक्ष में शून्य वोट पड़े। इसके साथ ही सरकार ने सदन में बहुमत साबित कर दिया।
लोग सामान खरीदते हैं तो भाजपा विधायक
सदन में चर्चा के दौरान सीएम सोरेन ने कहा कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकारें नहीं हैं वहां ये लोग लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने की कोशिश करते है। विपक्ष ने लोकतंत्र को बर्बाद कर दिया है। भाजपा विधायकों की खरीद फरोख्त में शामिल रही है। लोग बाजार से सामान खरीदते हैं लेकिन भाजपा विधायक खरीदती है। हम सदन में अपना संख्या बल दिखाएंगे।
गृहयुद्ध का माहौल बनाना चाहती है भाजपा
सीएम सोरेन ने कहा कि भाजपा ऐसा माहौल बनाना चाहती है जिसमें दो राज्य एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हो जाएं। ये गृहयुद्ध का माहौल बनाना चाहते हैं और चुनाव जीतने के लिए दंगे भड़काना चाहते हैं। मैं बता दूं, जब तक यहां यूपीए सरकार है तब तक ऐसे प्लान यहां काम नहीं करेंगे। आपको करारा जवाब मिलेगा। हमें डराने धमकाने से काम नहीं चलने वाला।
खरीद-फरोख्त में पकड़े गए विधायकों के लिए असम के सीएम जिम्मेदार
भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जिस तरह से हमारी सरकार के लिए मुसीबतें खड़ी की जा रही हैं उसकी वजह से हमारे तीन विधायक बंगाल में हैं। बंगाल में खरीद-फरोख्त के आरोप में पकड़े गए विधायकों के लिए असम के सीएम हेमंत बिस्व सरमा जिम्मेदार हैं। वे जांच के लिए राज्य में जाने वाली पुलिस के साथ सहयोग नहीं कर रहे हैं।




