रिपोर्ट -अनमोल कुमार :-
इंफाल : अब पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में भी जदयू भाजपा का संग छोड़ने जा रहा है। राज्य की गठबंधन सरकार में शामिल जदयू सरकार से समर्थन वापस लेने की तैयारी में है। मंगलवार को मणिपुर जदयू के अध्यक्ष केएसएच बीरेन सिंह ने कहा कि हम समर्थन वापस लेने की प्रक्रिया में हैं। बस, कुछ औपचारिकताओं का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि मणिपुर जदयू के नेता 3-4 सितंबर को बिहार की राजधानी पटना में होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की बैठक में नेताओं से मिलेंगे। वहीं इस मुद्दे पर अंतिम मुहर लग जाएगी। बीरेन सिंह ने कहा कि हम 2 सितंबर को पटना के लिए निकलने की योजना बना रहे हैं। वहां बैठक में मणिपुर के जदयू विधायक भी शिरकत करेंगे। सिंह भी पहले विधायक रह चुके हैं, लेकिन वह इंफाल पूर्वी जिले के लामलाई क्षेत्र से हार गए थे। एनडीए से बाहर होने और केंद्र में भाजपा से रिश्ते टूटने के बाद पार्टी की मणिपुर इकाई ने भी मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह का समर्थन बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। इस संबंध में पार्टी ने 10 अगस्त को मीटिंग की थी। मणिपुर में बीते विधानसभा चुनाव में भाजपा के खाते में 32 सीटें आई थीं। जबकि, नेशनल पीपुल्स पार्टी को 7 और जदयू को 6 सीटों पर जीत मिली थी। उस दौरान कांग्रेस और नगा पीपुल्स फ्रंट ने 5-5 सीटों पर जीत हासिल की थी। कुकी पीपुल्स अलायंस को 2 सीटें मिली थी और राज्य में 3 निर्दलीय जीते थे। फिलहाल, भाजपा के पास जदयू समेत 55 विधायकों का समर्थन है।




