झारखंड के राज्यपाल पर खरीद-फरोख्त की स्थिति पैदा करने का आरोप!

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रिपोर्ट -अनमोल कुमार :-

सत्तारूढ़ यूपीए ने सीएम सोरेन मामले में जानबूझ कर देर करना करार दिया

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पद पर बने रहने को लेकर जारी सस्पेंस के बीच सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) ने राज्यपाल पर आरोप लगाया कि वह सीएम के विधानसभा की सदस्यता पर निर्णय की घोषणा में जानबूझकर देरी करके राजनीतिक खरीद-फरोख्त की स्थिति पैदा कर रहे हैं। कई बैठकों के बाद गठबंधन सहयोगी झामुमो, कांग्रेस और राजद ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में राज्यपाल रमेश बैस से पिछले चार दिनों से राज्य में व्याप्त भ्रम को दूर करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री आवास पर रविवार देर शाम एक संवाददाता सम्मेलन में झामुमो के वरिष्ठ नेता एवं परिवहन मंत्री चंपई सोरेन, स्टीफन मरांडी, कांग्रेस से राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, विधायक अंबा प्रसाद और राजद से राज्य के श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता शामिल हुए। इन नेताओं ने राज्यपाल से कई सवाल पूछे, जो निम्नलिखित है।
राज्यपाल से सवाल
*जब जन प्रतिनिधित्व कानून की धारा 9ए के तहत किसी की सदस्यता रद्द नहीं हुई है तो, सीएम सोरेन के साथ संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर ऐसा बर्ताव क्यों?
*क्या कारण है कि चुनाव आयोग के पत्र पर राज्यपाल ने अपना मंतव्य नहीं दिया है। ऐसी क्या कानूनी सलाह है जिसे नहीं ले पा रहे हैं?
*क्या समय काट कर राजभवन विधायकों की खरीद-फरोख्त को हवा देना चाहता है। हमने महाराष्ट्र व अन्य राज्यों में भी राज्यपाल की गरिमा को गिरते हुए देखा है।
*राज्य में एक बाहरी गैंग काम कर रहा है, नीचे से ऊपर तक बैठे इस गैंग के सभी लोगों में क्या समानता है?
*भाजपा व उसकी अनुषंगी संस्थाओं को आदिवासी मुख्यमंत्री नहीं पच रहा है

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