नवादा से अनिल शर्मा की रिपोर्ट :-
नवादा सिविल कोर्ट में लोक अदालत के माध्यम से लोगों का विवादों का समाधान किया गया
नवादा यह कम से कम वक्त में विवादों को निपटाने के लिए एक आसान और अनौपचारिक प्रक्रिया का पालन करता है. लोक अदालत का आदेश या फैसला आखिरी होता है. इसके फैसले के बाद कहीं अपील नहीं की जा सकती. लोक अदालत सभी दीवानी मामलों, वैवाहिक विवाद, भूमि विवाद, बंटवारे या संपत्ति विवाद, श्रम विवाद आदि गैर-आपराधिक मामलों का निपटारा करती है। इसी कड़ी में आज नवादा के सिविल कोर्ट में लोक अदालत लगाया गया जिसमें कई मामले आए संपत्ति विवाद भूमि विवाद जमीनी विवाद को दोनों पक्षों के बीच सुलझाया गया।लोक अदालत सुलह कराने की नियत से शुरू की गई थी. यह ऐसा तंत्र है जिसके जरिए कानूनी विवादों को अदालत के बाहर हल कर लिया जाता है. कह सकते हैं कि मामलों के निपटारे का वैकल्पिक माध्यम है. इसे बोलचाल की भाषा में ‘लोगों की अदालत’ भी कहते हैं. यह कम से कम वक्त में विवादों को निपटाने के लिए एक आसान और अनौपचारिक प्रक्रिया का पालन करता है. लोक अदालत का आदेश या फैसला आखिरी होता है. इसके फैसले के बाद कहीं अपील नहीं की जा सकती. लोक अदालत सभी दीवानी मामलों, वैवाहिक विवाद, भूमि विवाद, बंटवारे या संपत्ति विवाद, श्रम विवाद आदि गैर-आपराधिक मामलों का निपटारा करती है।




