बेतिया/सोहंन प्रसाद की रिपोर्ट :-
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का गुरू दक्षिणा कार्यक्रम का समापन रविवार के दिन नरकटियागंज संघ कार्यालय में हुआ।इस दौरान बौद्धिक कर्ता वानिकान्त् झा ने बताया कि हिंदू कैंलेडर के हिसाब से व्यास पूर्णिमा से रक्षाबंधन तक यानी एक महीने तक गुरू दक्षिणा का कार्यक्रम चलता है। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में गुरू माने जाने वाले भगवा ध्वज के सामने यह समर्पण राशि रखते हैं। इसे गुप्त रखा जाता है यानी दक्षिणा की राशि और देने वाले का नाम सार्वजनिक नहीं कि जाता हैं संघ की स्थापना तो साल 1925 में हुई लेकिन साल 1928 में गुरू पूजा का कार्यक्रम शुरू हुआ और तब से अनवरत चल रहा है। डॉ. हेडगेवार पर बायोग्राफी लिखने वाले एन एच पल्हीकर के मुताबिक संघ में शुरुआत में सब लोग डॉ. हेडगेवार को गुरू के तौर पर स्वीकार करना चाहते थे, लेकिन डॉ. हेडगेवार ने इससे इनकार करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति पूर्ण नहीं होता, उसमें दोष होते हैं, चाहे वो गुरू द्रोणाचार्य ही क्यों ना हो और तब हिन्दू धर्म में प्रतिष्ठित भगवा ध्वज को गुरू के तौर पर स्वीकार किया गया। संघ की शाखाएं, सभी कार्यक्रम भगवा ध्वज को प्रणाम से ही शुरू होते हैं और गुरू दक्षिणा भी भगवा ध्वज को ही समर्पित की जाती है। कार्यक्रम मे आशीष अग्रवाल,पंकज तिवारी,राकेश जी, अजय जी,अनिल,सुनील गोयल, आयुष,शिवांश,संदीप,विपुल,अनमोल,समेत सैकड़ो स्वयंसेवक मौजूद रहे।




