रिपोर्ट -अनमोल कुमार :-
डाक्टर भी थोड़ी सी शराब बतौर दवा लेने को बोलते हैं। बिहार सरकार की शराब नीति पर फिर किया कटाक्ष
अग्निवीर’ हास्यास्पद, जाति प्रमाणपत्र मांगना अपमानजनक
बक्सर : बिहार सरकार की शराब नीति और बालू नीति के कारण गरीब अधिक त्रस्त हैं। यदि शराब थोड़ी-थोड़ी पी जाए तो वह दवा का काम करेगी अधिक ली जाए तो शरीर को हानि पहुंचाएगी। उक्त बातें बक्सर के जिला अतिथि गृह में बुधवार को हम प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री सह अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण समिति बिहार विधान सभा केे सभापति जीतन राम मांझी ने प्रेस वार्ता के दौरान कही। शराब नीति पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि डाक्टर भी थोड़ी सी शराब दवा के रूप में लेने के लिए बोलते हैं।
हम प्रमुख ने अग्निवीर योजना को हास्यास्पद करार दिया। उन्होंने कहा कि इस भर्ती में जाति प्रमाण पत्र मांगना अपमानजनक है।
गौरतलब हो कि अनुसूचित जाति जनजाति के उत्थान के लिए गठित विधानसभा की पांच सदस्य टीम बक्सर पहुंची हुई है। जिसमें मांझी के साथ ही मखदुमपुर विधायक सतीश कुमार, मनोज मंजिल, रेखा देवी व जयंती देवी शामिल हैं। इस टीम ने स्थल अध्ययन यात्रा की। यात्रा के पश्चात बताया गया कि एससी-एसटी बच्चों के लिए बने राजकीय आवासीय विद्यालय में अनियमितताएं पाई गई है। 285 बच्चों के नामांकन में करीब सवा सौ छात्र अनुपस्थित मिले। इनके रहने खाने के लिए आने वाली राशि कहां जाती है। इसका कुछ पता नहीं।
उन्होने बताया कि बच्चों को मेनू के अनुसार खाना भी नहीं मिल पा रहा है। कंप्यूटर रहते हुए शिक्षा के अभाव में पढ़ाई बाधित है। जिला स्तर पर विभिन्न विभागों में खाली पड़ी सीट को एससी-एसटी के नन गजटेड करीब 14 फीसद अधिकारी अनुसूचित जाति जनजाति के होने चाहिए लेकिन जिला में इसका अभाव है। इसके लिए सरकार को प्रतिवेदन सौंपा जाएगा।




