मनोज कुमार की रिपोर्ट :-
गया, माननीय मंत्री ग्रामीण विकास विभाग बिहार सरकार श्री श्रवण कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित योजनाओं की समीक्षा बैठक की गई।*
बैठक को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी गया डॉ० त्यागराजन एसएम ने माननीय मंत्री ग्रामीण विकास विभाग का गया जिले में हार्दिक स्वागत करते हुए कहां की गया जिले में वर्षा के अभाव के कारण सुखाड़ की स्थिति बनी हुई है। इसे देखते हुए जल जीवन हरियाली योजना के तहत जो कार्य चल रहे हैं, उसमें और प्रगति लाने का निर्देश सभी प्रोग्राम पदाधिकारी को दिया गया है। सरकारी जलाशयों के अतिक्रमण मुक्त कराने का कार्य तेजी से करवाया जा रहा है। सार्वजनिक जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार के दौरान उन्होंने कहा कि 5 एकड़ से कम पोखर 1056 लिया गया है, जिसमें 274 का कार्य शुरू कर लिया गया है तथा 271 पोखर का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
आहार के समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 5209 आहार में से 2482 आहर का जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ किए गए हैं तथा 2400 आहर जीर्णोद्धार का कार्य पूर्ण किए गए हैं। जिले में कुल 2562 पइन में से 1506 पइन का जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ किया गया है तथा 1505 पइन के जीर्णोद्धार का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक कुआं के समीक्षा के दौरान बताया गया कि कॉल 5423 कुआं में से 1016 कुओ का जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण किया गया तथा 1966 कुओ का जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ किया गया है। सार्वजनिक चापाकलों एवं कुओं के किनारे सोख्ता की संरचना का निर्माण की समीक्षा के दौरान बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक चापाकल के समीप 4579, सार्वजनिक कुआ के समीप 775 सोख्ता का निर्माण करवाया गया है इसके साथ ही शहरी क्षेत्र में सार्वजनिक चापाकल के समीप 171 तथा सार्वजनिक कुआं के समीप 38 सोख्ता का निर्माण करवाया गया है।
छोटी-छोटी नदियों नालों में एवं पहाड़ी क्षेत्रों में जल संग्रहण क्षेत्रों में चेक डैम एवं जल संचयन हेतु संरचनाओं के निर्माण के समीक्षा के दौरान बताया गया कि ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कुल 159 चेक डैम का निर्माण, वन विभाग द्वारा 51 चेक डैम का निर्माण तथा लघु जल संसाधन विभाग द्वारा दो चेक डैम का निर्माण तथा भूमि संरक्षण विभाग द्वारा 81 चेक डैम निर्माण कार्य किया जा रहा है।
नए जल स्रोतों के सृजन के समीक्षा के दौरान उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 275 संरचना, लघु जल संसाधन विभाग द्वारा 01 संरचना, कृषि विभाग द्वारा 313 संरचना तथा पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा 45 संरचना का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
भवनों में छत वर्षा जल संचयन के समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि 3000 स्क्वायर फीट छत वाले क्षेत्रफल वाले सरकारी भवन जिनमें शिक्षा विभाग के 2986, स्वास्थ्य विभाग के 558 तथा अन्य सरकारी भवन 268 चिन्हित किए गए हैं और छत वर्षा जल संचयन का कार्य कराया जा रहा है।
जिले में टपकन सिंचाई को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। लोगों को टपकन सिंचाई के एवज में सरकार द्वारा दिए जा रहे अनुदान के संबंध में भी बताया जा रहा है।
पौधारोपण के समीक्षा के दौरान बताया गया कि इस वर्ष जिले में कुल 6 लाख 40 हजार पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित है। वर्षा के अभाव में पौधारोपण का कार्य प्रगति में नहीं है, जैसे ही वर्षा प्रारंभ होगी पौधा रोपण का कार्य तेजी से कराया जाएगा।
जीविका के समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 44409 जीविका के स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं, जिनमें 535850 जीविका के दीदियों को जोड़ी गई हैं। वित्तीय समावेशन के समीक्षा के दौरान बताया गया कि जीविका समूह के बैंक खाता कुल 43087 खोले गए हैं। जीविका समूह का बैंक के साथ प्रथम क्रेडिट लिंकेज 41340 हुए हैं, दूसरा क्रेडिट लिंकेज 27694 तथा तृतीय क्रेडिट लिंकेज 11022 हुए हैं। जीविका समूह का बैंक के साथ कुल 1512.62 करोड़ों रुपया क्रेडिट लिंकेज किए गए हैं।
माननीय मंत्री ने द्वितीय क्रेडिट लिंकेज तथा तृतीय क्रेडिट लिंकेज में काफी ज्यादा अंदर को देखते हुए उन्होंने जिला पदाधिकारी तथा डीपीएम जीविका को बैंक के साथ बैठक करते हुए जीविका दीदियों के समूहों को क्रेडिट लिंकेज में तेजी से कार्य करने का निर्देश दिए हैं। ताकि जीविका समूहो को बैंकों से लाभ दिलाते हुए रोजगार तथा व्यापार के लिए बढ़ावा देने का कार्य करे। दिसंबर माह तक द्वितीय क्रेडिट लिंकेज को शत प्रतिशत पूर्ण करने का निर्देश दिए।
सतत जीविकोपार्जन परियोजना के समीक्षा के दौरान बताया कि 9822 परिवारों को जिला में चिन्हित किया गया है। इसमें 620 परिवार नीरा उत्पादन में टैपर का काम किए हैं।
जिले में नीरा उत्पादन के समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 2662 टेपर को चिन्हित किए गए तथा उन्हें प्रशिक्षण दिया गया कुल 89 उत्पादक समूह का गठन करते हुए 400 नीरा विक्रय काउंटर खोले गए तथा कुल 1116345 लीटर नीरा का बिक्री किया गया जो पूरे बिहार में गया जिला अरवल है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2021- 22 में जिले में कुल 134385 आवास का टारगेट दिया गया था। 128585 की स्वीकृति दी गई, जिसमें प्रथम किस्त की राशि 115320 लाभुको को, द्वितीय क़िस्त की राशि 7594 लाभुको को तथा तृतीय किस्त की राशि 5271 लाभुकों को दिया गया है। इसके साथ ही 4037 आवास पूर्ण करा लिए जा चुके हैं।
इंदिरा आवास योजना वित्तीय वर्ष 2016- 17 से 2019-20 तक कुल 75988 टारगेट के विरुद्ध 75977 स्वीकृत किए गए, जिसमें प्रथम किस्त 75846 लाभुकों को, द्वितीय किस्त 72766 लाभुकों को तथा तृतीय किस्त 69418 लाभुकों को दिया गया है जिसमें कुल 70236 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं तथा 5741 आवास अपूर्ण हैं।
माननीय मंत्री ने कहा कि द्वितीय किस्त की राशि आवास योजना के लाभुकों को देने में तेजी लावे। वजीरगंज, इमामगंज, फतेहपुर तथा बोधगया प्रखंड में काफी खराब स्थिति है इंदिरा आवास योजना की। उन्होंने सख्त निर्देश दिया कि अपने क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ ग्रामीणों को देने में तेजी लावे।
समीक्षा बैठक में माननीय मंत्री ने मनरेगा भवन का निर्माण, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी भवन का निर्माण, खेल भवन का निर्माण, पशु शेड का निर्माण के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त किया। माननीय मंत्री ने जिले में किए जा रहे कुँओं का जीर्णोद्धार कार्य में गुणवत्तापूर्ण लाने का निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कई जगहों से शिकायत प्राप्त हो रहे हैं कि कुँओं के जीर्णोद्धार कार्य में गाद कम निकाले जा रहे हैं। माननीय मंत्री ने कहा कि जिले के हर प्रखंड में एक एक बड़े सरकारी विद्यालयों का चयन करें जिन विद्यालयों की बड़ी संख्या में सरकारी जमीन हो। साथ ही वहाँ 1-1 खेल मैदान का निर्माण करावे।




