रिपोर्ट – अनमोल कुमार
पति समेत उनके ससुराल वालों ने पहली पत्नी की हत्या कर शव को मिट्टी में दबाया, अनुसंधान में जुटी पुलिस ।
जिले के छातापुर प्रखंड में चकला के वार्ड 2 में एक 32 वर्षीय विवाहित महिला की हत्या कर शव को नदी किनारे मिट्टी में ससुराल वालों द्वारा दबा देने की घटना को अंजाम दिया गया। बताया गया कि ये सब इस लिए मृतका के पति ने कीट क्योंकि उन्हें अपनी विवाहित साली से प्यार हो गया था और उन्हें उनके साथ रहना था। जिसका पहली पत्नी द्वारा विरोध किया गया था। मामलें को लेकर छातापुर पुलिस पड़ताल में जुट गई है। मिली जानकारी अनुसार
चकला के वार्ड 2 निवासी बबलू मुखिया पर उनके ससुराल वालों द्वारा पहली पत्नी आशा देवी की हत्या कर शव की छुपाने का आरोप लगाया है। इतना ही नही बबलू के ससुराल वाले बबलू के घर छातापुर पुलिस के साथ पहुंचकर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग करने में जुटी रही। लेकिन इधर बबलू अपने पैतृक आवास डहरिया पंचायत के चकला वार्ड 2 से परिजनों के साथ फरार है। जिसको लेकर पुलिस को किसी तरह की कोई सटीक जानकारी नही मिल सकी। लेकिन बबलू के ससुराल जीवछपुर से चकला गांव पहुंची । बबलू के ससुराल से आएं परिजनों ने सीधा आरोप लगाया है कि उनके घर की बेटी आशा देवी को उनके पति बबलू समेत अन्य परिवारिक सदस्यों ने हत्या कर लाश को ठिकाने लगा दिया। जिसको लेकर पुलिस ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में बबलू के घर प्रवेश कर आवश्यक छानबीन में जुट गई । लेकिन घर मे शव बरामद नही हुए। जिसके बाद पुलिस आवश्यक पड़ताल में जुट गई। यहां बता दे कि बबलू का ससुराल छातापुर प्रखण्ड के ही जीवछपुर पंचायत के वार्ड 12 में है। बबलू के ससुर मोहन सहनी ने बताया कि उनकी तीन बेटी है। जिसमे से आशा मंझली बेटी थी। जिसकी शादी साल 2006 में छातापुर के डहरिया पंचायत के वार्ड 2 निवासी सगम लाल मुखिया के बेटे बबलू मुखिया से हुई थी। जिससे उनको तीन संतान भी है। जिसमे बड़ी बेटी 11 वर्षीय तथा दो बेटे क्रमशः 11 तथा 9 साल है। लेकिन बीते साल 2021 में आशा की मां का एक सड़क दुर्घटना में घायल हो जाने से उन्हें इलाज हेतु पटना ले जाया गया था। जिसमें उनकी देखरेख के लिए आशा के पति बबलू समेत आशा की छोटी बहन प्रिया देवी जिसकी शादी सुपौल में हुई थी रहने लगी थी। इसी बीच दोनों में आपसी संपर्क बढ़ गया। जिससे जीजा साली के प्यार में मदहोश होकर उन्हें अपनी पत्नी बनाये आए उन्हें घर मे रखने के लिए बेताब से ही गया। लेकिन उस बात का आशा समेत सभी लोग विरोध किये । लेकिन बबलू किसी का कुछ नही सुन रहा था। इतना ही नही अक्सर आशा के साथ बबलू इस बात को लेकर मारपीट करते हुए उन्हें अपनी छोटी बहन को भी अपने साथ घर मे रखने हेतु राजी करने लगे। लेकिन अपने पति पर किसी और का हक हो ये आशा को बर्दाश्त नही था। जिसको लेकर उबके पति बबलू उन्हें नित्य मारने पीटने लगा। लेकिन तब भी सभी सितम स ह कर बबलू अपने पति के साथ खुश रहना चाहती थी। लेकिन बबलू तथा उनके परिजनों ने शुक्रवार को आशा की हत्या कर सारी हदें पार कर दी। इतना ही नही उनका शव को भी छुपा दिया। जिसके बाद पुलिस ने छानबीन के दौरान करीब 3 घन्टे के बाद आशा के शव को गाँव के ही गेरा नदी के किनारे स्थित चार फीट गड्ढे में दबी स्थिति में बरामद किया। जिसके बाद आशा के परिजनों के चीख चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया। छातापुर थानाध्यक्ष अभिषेक अंजन ने शव को बरामद करते हुए पोस्ट मार्टम हेतु सदर अस्पताल सुपौल भेज दिया। वही मृतका आशा देवी की मां विद्या देवी के आवेदन पर केस दर्ज कर अनुसंधान में जुट गई है। थानाध्यक्ष अभिषेक अंजन ने बताया कि पुलिस दर्ज केस के अनुसंधान में जुट गई है।
इधर, मृतका आशा के भाभी पूनम देवी ने पुलिस से आशा के तीनों बच्चों को भी बरामद करने की मांग की है।




