मनोज कुमार की रिपोर्ट
गया शहर की आबादी 500000 पहुंच गई है उसी अनुपात में शहर का विस्तार भी हो रहा है नए-नए कॉलोनी बस गए हैं,
शहर के बाहरी इलाका केंदुई, पंचायती अखाड़ा, सिद्धार्थनगर, मानपुर, डेल्हा ऐसे कई क्षेत्रों में कॉलोनिया विगत 10 वर्षों से बनी बनी हुई है।
कॉलोनी वासी नगर निगम को मकान टैक्स, पानी टैक्स, हर तरह की टैक्स दे रहे हैं
कॉलोनी वासियों का शिकायत है कि तमाम टैक्स नियमित देने के बावजूद कॉलोनी में गली, नली का निर्माण नहीं कराया जा रहा है
ना ही निगम के सफाई कर्मी सफाई के लिए आते हैं इनका कहना है कि नाली नहीं रहने के कारण कुछ लोग घर के बाहर सूखता बनाकर काम चला रहे हैं, अधिकांश घरों का पानी जमा होकर तलाब के शक्ल में तब्दील हो गई है
बच्चों को स्कूल आने जाने में दिक्कतें हो रही है।
गंदे पानी के कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं साथ ही गंदे पानी से होकर घरों के अंदर जाना पड़ता है
जलजमाव हो जाने से बोरिंग का पानी भी खराब हो रहा है। लोगों को भविष्य की चिंता सताए जा रही है
आवागमन की सुविधा नहीं रहने से लोग अक्सर दुर्घटनाग्रस्त होकर गिर जा रहे हैं कॉलोनी वासी जल्दी गली बनाने की मांग को लेकर सूचना के अधिकार के तहत प्रशासन से मांग की है
लेकिन 10 वर्षों के बाद भी नाली गली का निर्माण नहीं कराया जा सका है और लोग नारकीय जीवन जी रहे हैं लोग बताते हैं नाली की सफाई की उड़ाई के लिए निगम में बजट बनाई जाती है लेकिन गली-गली निर्माण के लिए कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है क्योंकि गली-गली की उड़ाई में लेनदेन होता है




