मनोज कुमार की रिपोर्ट
- सीता नवमी को विश्व प्रसिद्ध सीताकुंड मंदिर को देश के रामायण सर्किट से जोड़ने की आवाज बुलंद किया गया *
गया आज गया महानगर विकास संघर्ष समिति के नेता, कार्यकर्ता सीता नवमी के अवसर पर विश्व प्रसिद्ध सीताकुंड मंदिर के महत्व को देखते हुए केंद्र सरकार से अविलंब गया को देश के रामायण सर्किट से जोड़ने की मांग की गई।
गया महानगर विकास संघर्ष समिति के संयोजक प्रो विजय कुमार मिठू, डा मदन कुमार सिन्हा, राम नरेश सिंह पयोद, राम प्रमोद सिंह, तारकेश्वर नाथ, ब्रजेश कुमार शर्मा, अनीश कुमार, उदय शंकर पालित, सुजीत कुमार गुप्ता, विनोद उपाध्याय, राजेश्वर पासवान, आदि ने कहा की देश के रामायण सर्किट से भगवान राम, माता सीता,सहित रामायण से जुड़े स्थलों में बिहार के सीतामढ़ी, दरभंगा, बक्सर को जोड़ा गया परंतु वर्षो से प्रस्तावित गया को छोड़ देना न्याय संगत नहीं है।
गया के विश्व प्रसिद्ध सीताकुंड मंदिर में राजा दशरथ जी की मृत्यु के उपरांत जब भगवान राम, लक्षण, सीता जी पिंडदान करने आए थे, जो रामायण से पूरी तरह जुड़ा हुआ है।
नेताओं ने कहा की गया महानगर विकास संघर्ष समिति विगत कई वर्षों से लगातार आंदोलन चला कर केंद्रीय पर्यटन मंत्री को ज्ञापन भी दे चुकी है, परंतु अभी तक मांग पूरी नहीं हुई है।
नेताओं ने कहा की आज सीता नवमी को गया शहरवासी महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, माननीय केंद्रीय पर्यटन मंत्री से सीताकुंड मंदिर की विश्व प्रसिद्ध महत्व को देखते हुए गया को भी रामायण सर्किट से जोड़ने की मांग की है।




