सचिन केजरीवाल की रिपोर्ट
कुपोषण एवं एनीमिया के लक्षण एवं इससे निपटने हेतु दी गई विस्तृत जानकारी
साहिबगंज
आज सोमवार को समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त राम निवास की अध्यक्षता में कुपोषण निवारण को लेकर 1000 दिवसीय समर अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु संबंधित प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी, चिकित्सा प्रसार पदाधिकारी, सीडीपीओ एवं लेडी सुपरवाइजर के साथ दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत उपायुक्त रामनिवास यादव, उप विकास आयुक्त प्रभात कुमार बरदियार, सिविल सर्जन डॉ अरविंद कुमार एवं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सुमन गुप्ता ने दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर जिला सामाज कल्याण पदाधिकारी सुमन गुप्ता के द्वारा कुपोषण एवं एनिमिया को लेकर जिले में 1000 दिवसीय संचालित होने वाले समर अभियान की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरन बताया गया कि 1000 दिवसीय समर अभियान में कुपोषण एवं एनिमिया के लक्षण वाले जन्म से 9 वर्ष तक के बच्चों, 10 से 19 वर्ष तक की सभी किशोरियों, 19 से 24 वर्ष तक की सभी युवतियों, सभी धात्री एवं सभी गर्भवती महिलाओं की पहचान करेंगे एवं एनिमिया के लक्षण वाले व्यक्ति की सूचना समर एप्प में अंकित करेंगे। कुपोषण तथा एनिमिया के उन्मूलन हेतु रणनीतिक कार्रवाई पर समर पोषण दल को महत्वपूर्ण जानकारी एवं प्रशिक्षण के क्रम में 1000 दिवसीय समर अभियान की रूप-रेखा की जानकारी दी गयी। 1000 दिवसीय समर अभियान अन्तर्गत पोषण दल की सदस्य आंगनबाड़ी सेविका, सहिया, शिक्षक, जेएसएलपीएस, पीडीएस डीलर रहेंगे। वे कुपोषण एवं अनीमिया के लक्षण वाले जन्म से 9 वर्ष तक के बच्चों, 10 से 19 वर्ष तक की सभी किशोरियों, 19 से 24 वर्ष तक की सभी युवतियों, सभी धात्री एवं सभी गर्भवती महिलाओं की पहचान करेंगे एवं अनीमिया के लक्षण वाले व्यक्ति की सूचना समर एप्प में अंकित करेंगे। पोषण दल आंगनबाड़ी केन्द्र के पोषक क्षेत्र के सभी घरों में जाकर कुपोषण एवं अनीमिया के लक्षण वाले बच्चों, किशोरियों, युवतियों, धात्री एवं गर्भवती महिलाओं का सर्वेक्षण करेगी। यह सुनिश्चित किया जायेगा कि इनमें कोई भी घर न छूटे। साथ ही कुपोषण एवं अनीमिया के लक्षणों के बारे में परिवार को अवगत करायेंगे। प्रथम सर्वेक्षण का कार्य 30 दिनों में पूर्ण करेंगे तथा आगामी प्रत्येक सर्वेक्षण 3-3 महीने में 8 से 10 दिनों के अंदर पूर्ण किया जायेगा। प्रशिक्षण में बताया गया कि सर्वेक्षण के दौरान पोषण दल यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जन्म से 6 वर्ष तक के वैसे अन्य बच्चे जिनमें कुपोषण या अनीमिया के लक्षण न भी दिखाई पड़े उन्हे भी नजीदीकी आंगनबाड़ी केन्द्र पर भेजने हेतु प्रेरित किया जाए एवं आईसीडीएस कार्यक्रम का लाभ दिलवाना सुनिश्चित किया जाये। ऐसे सभी बच्चों का प्रत्येक माह वजन, लम्बाई, ऊंचाई का जांच आंगनबाड़ी केन्द्र पर सुनिश्चित हो। उन्होने एनिमिया मुक्त जिला बनाने की बात कही। उपायुक्त ने 25 जनवरी 2022 तक प्रथम सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया। इस दौरान उपस्थित सभी को कुपोषण एवं कुपोषण के प्रकार से अवगत कराया गया साथी एंथ्रो को मैट्रिक एसेसमेंट कैलिब्रेशन एवं मरीज की स्क्रीनिंग उनका मेडिकल एसेसमेंट ऐपेटाइट एसेसमेंट किस बच्चे को विशेष ट्रीटमेंट आदि मिलेगा इस बारे में संबंधित पदाधिकारी की भूमिका बताई गई। जहां प्रखंड स्तर पर कुपोषण एवं अनिविया को खत्म करने के लिए आपसी समन्वय को स्थापित करते हुए किस प्रकार कार्य किया जाए इस बारे में बताया गया। बैठक में उपरोक्त के अलावे सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, डॉ मोहन पासवान, सभी एमओआईसी, जेएसएलपीएस के डीपीएम संतोष कुमार, राज्य पोषण मिशन के अजय कुमार वर्मा, रिम्स ट्यूटर डॉ संतोष, यूनिसेफ के रीजनल कोऑर्डिनेटर, सभी सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिका एवं अन्य उपस्थित थे।




