:- ऋषिकेश की रिपोर्ट
एक और जहां बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हर हफ्ते सोमवार को जनता दरबार लगाते हैं और प्रदेश के कोने-कोने से आए फरियादियों की फरियाद सुनते हैं और उससे संबंधित अधिकारियों को उसका त्वरित समाधान करने का निर्देश देते हैं, तो दूसरी ओर जरूरतमंद और बेसहारा लोग आज भी सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।
ताजा मामला नालंदा जिले के अस्थावां से सामने आया है। दरअसल अस्थावां के रहने वाले मन्नालाल साव अपनी ही जमीन को लेकर सरकारी दफ्तर का चक्कर काटकर थक चुके हैं। मन्नालाल साव के 11.5 डिसमिल जमीन दबंगों के द्वारा कब्जा कर लिया गया है। अपनी जमीन को लेकर मन्नालाल पिछले 3 महीनों से ब्लॉक से थाना और सरकारी दफ्तरों का चक्कर लगा रहें है। परंतु अभी भी प्रशासन अभी भी गहरी नींद में सोया हुआ है।
जमीन विवाद को सुलझाने के लिए सरकार ने जिले के पदाधिकारियों को जीरो टॉलरेंस का निर्देश जारी किया है। इसके बावजूद अपनी ही जमीन के लिए वे पिछ्ले 3 माह से सरकारी बाबुओं के दफ्तरों का चक्कर काट रहे हैं।
मामले की जानकारी देते हुए मन्नालाल साव ने बताया कि उस जमीन पर हम लोग वर्षों से कोयला और बांस का व्यवसाय चला रहे थे, लेकिन 3 माह पूर्व दबंगों ने उनके जमीन पर कब्जा कर लिया और दबंगई करते हुए उन्हें दुकान से बाहर निकाल दिया। इसे लेकर मन्नालाल साव ने सीओ और थाना में जाकर शिकयत दर्ज करवाई। लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण वे एसडीओ के पास पहुंचे और न्याय दिलाने की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि पिछले कई महीनों से काम बंद रहने के कारण खाने को लाले पड़ गए हैं। किसी तरह गुजर बसर कर जिंदगी काट रहे हैं। अगर मामले का निपटारा नहीं गया तो हमलोग भूखे प्यासे आखिर कर मुख्यमंत्री के सामने आत्मदाह करने को विवश होंगे। दरअसल पूर्व में जिले के छबिलापुर थाना क्षेत्र के लोदीपुर गांव में 4 अगस्त 2021 को 50 बीघा रकबे के भूमि विवाद में बदमाशों ने गोली मारकर एक ही परिवार के 6 लोगों की हत्या कर दी थी। साथ ही 5 लोग गोली लगने से जख्मी हो गए थे।शायद अस्थावां में फिर से छबिलापुर गोलीकांड का इतिहास दुहराने का स्थानीय प्रशासन इन्तेजार कर रही है क्योंकि जमीन विवाद को लेकर अस्थावां में भी कभी भी खून की होली खेली जा सकती है।
इस मामले में बिहारशरीफ एसडीओ कुमार अनुराग ने बताया कि इसे लेकर दोनों पक्षों पर धारा 107 के तहत कार्रवाई की गई है ताकि विधि व्यवस्था बनी रहे। फिलहाल एसडीओ का आदेश अस्थावां अंचलाधिकारी को दिया गया है बावजूद अस्थावां अंचलाधिकारी कानों में तेल डाल कर सोए हुए हैं।




