:- रवि शंकर अमित!
पटना, दिनांकः 12 अक्टूबर, 2026।
विभिन्न संगठनों एवं व्यक्तियों द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में बिना पूर्व सूचना अथवा निर्धारित अनुमति के धरना-प्रदर्शन किए जाने के मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी, पटना एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि धरना-प्रदर्शन के लिए गर्दनीबाग स्थित निर्धारित धरना स्थल का ही उपयोग किया जाए। निर्धारित स्थल के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं है।
जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आम नागरिकों की सुविधा, यातायात का सुचारू संचालन तथा विधि-व्यवस्था बनाए रखना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निर्धारित स्थल के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर धरना-प्रदर्शन किए जाने से शहर की यातायात व्यवस्था बाधित होती है, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ऐसे प्रदर्शनों के कारण स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, न्यायालय सहित विभिन्न महत्वपूर्ण संस्थानों के कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। साथ ही, जिले के वाणिज्य व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है एवं उनकी व्यावसायिक गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं, जिससे आम लोगों के दैनिक जीवन एवं व्यवसाय से जुड़े कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है।
साथ ही इस तरह की स्थिति में बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों, स्कूली बच्चों तथा एम्बुलेंस सहित अन्य आपातकालीन सेवाओं के निर्बाध आवागमन में गंभीर कठिनाइयां उत्पन्न होती हैं। इससे आवश्यक सेवाओं में विलंब होने के साथ आम नागरिकों को भी परेशानी उठानी पड़ती है.
जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित व्यक्तियों एवं संगठनों से अपील की है कि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से रखने के लिए गर्दनीबाग स्थित निर्धारित धरना स्थल का ही उपयोग करें। साथ ही, यातायात व्यवस्था, सार्वजनिक शांति एवं आम नागरिकों की सुविधा बनाए रखने में जिला प्रशासन को सहयोग प्रदान करें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित स्थल के अतिरिक्त अन्यत्र धरना-प्रदर्शन करने अथवा जारी निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।



