:- रवि शंकर अमित!
बिहार में उच्च एवं विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता, आधारभूत संरचना और शैक्षणिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने में केन्द्र सरकार से मिल रहे सहयोग के लिये प्रधानमंत्री एवं केन्द्रीय शिक्षा मंत्री का आभार :- मुख्यमंत्री
मुख्य बिंदु-
मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार की शिक्षा से संबंधित योजनाओं को पूरी तरह कार्यान्वित करने एवं भारत सरकार द्वारा आवंटित राशि का समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने का दिया निर्देश।
विक्रमशिला विश्वविद्यालय की पुनस्थापना के लिये 15 जुलाई 2026 को 220 एकड़ जमीन हस्तांतरित कर दी गयी है। केन्द्र सरकार से इस पर आगे की कार्रवाई जल्द से जल्द करने का मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने बिहार में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बी०एच०यू०) के दो केन्द्र खोलने का अनुरोध किया ताकि राज्य के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सके। बिहार में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य में और अधिक केंद्रीय विद्यालय खोलने का भी अनुरोध किया।
राज्य में 211 राजकीय डिग्री महाविद्यालय का संचालन किया जा रहा है। इसके आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के निर्माण हेतु प्रति महाविद्यालय 25 करोड़ रूपये की दर से कुल 5275 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत करने का मुख्यमंत्री ने किया अनुरोध ।
पटना, 10 अक्टूबर 2026 मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ कक्ष में बिहार में उच्च शिक्षा तथा विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शैक्षणिक संस्थानों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और केंद्र प्रायोजित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को लेकर समीक्षा बैठक हुई। बैठक में शिक्षा के क्षेत्र में चल रही परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके समयबद्ध क्रियान्वयन और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में श्री आनंद राव बी० पाटिल अपर सचिव उच्च शिक्षा, भारत सरकार, श्रीमती अर्चना शर्मा अवस्थी अपर सचिव, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, भारत सरकार, डॉ० अमरजीत दुग्गल स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, भारत सरकार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से केन्द्र प्रायोजित योजनाओं की तथा श्री राजीव रौशन सचिव शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग, बिहार सरकार ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा बिहार सरकार की योजनाओं के संबंध में प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जानकारी दी। बैठक में उच्च शिक्षा के अंतर्गत राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA-1 एवं RUSA-2) तथा प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई। इन योजनाओं के अंतर्गत कुल 101 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। परियोजनाओं की प्रगति, उनके प्रभावी क्रियान्वयन और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने पर बल दिया गया।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सरकारी विद्यालयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य में लगभग 80 प्रतिशत विद्यालय सरकारी हैं तथा करीब 80 प्रतिशत विद्यार्थी सरकारी विद्यालयों में नामांकित हैं। ऐसे में सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर आधारभूत संरचना और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बिहार में उच्च एवं विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता, आधारभूत संरचना और शैक्षणिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने में केन्द्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है, इसके लिये प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी जी का आभार प्रकट करते हैं। मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार की शिक्षा से संबंधित योजनाओं को पूरी तरह कार्यान्वित करने एवं भारत सरकार द्वारा आवंटित राशि का समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं का क्रियान्वयन में तेजी से हो, उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग हो तथा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विक्रमशिला विश्वविद्यालय की पुनस्थापना के लिये 15 जुलाई 2026 को 220 एकड़ जमीन हस्तांतरित कर दी गयी है। हमारा आग्रह है कि केन्द्र सरकार इस पर आगे की कार्रवाई जल्द से जल्द करे। उन्होंने कहा कि बिहार में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बी०एच०यू०) के दो केन्द्र खोलने का अनुरोध किया ताकि राज्य के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सके। इससे राज्य के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा शैक्षणिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 211 राजकीय डिग्री महाविद्यालय का संचालन किया जा रहा है। इसके आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के निर्माण हेतु प्रति महाविद्यालय 25 करोड़ रूपये की दर से कुल 5275 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत करने का हमारा अनुरोध है। मुख्यमंत्री ने बिहार में और अधिक केंद्रीय विद्यालय खोलने का अनुरोध भी किया गया। इससे राज्य के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अतिरिक्त अवसर प्राप्त होंगे और शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार होगा।
बैठक में उच्च शिक्षा का विस्तार, सरकारी विद्यालयों की आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण, शिक्षक प्रशिक्षण व्यवस्था में सुधार तथा केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से बिहार की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
बैठक में शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी, उच्च शिक्षा मंत्री श्री संजय सिंह टाइगर,मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, श्री आनंद राव बी० पाटिल अपर सचिव उच्च शिक्षा, भारत सरकार, श्रीमती अर्चना शर्मा अवस्थी अपर सचिव, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, भारत सरकार, डॉ० अमरजीत दुग्गल स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, भारत सरकार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह, शिक्षा विभाग तथा उच्च शिक्षा विभाग के सचिव श्री राजीव रौशन, शिक्षा विभाग के विशेष सचिव श्री धर्मेन्द्र कुमार सहित भारत सरकार एवं बिहार सरकार के अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।




