:- रवि शंकर अमित!
शास्त्रीय संगीत हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा, इसे बढ़ावा देने की आवश्यकता :-
मुख्यमंत्री
मुख्य बिन्दु :-
मुख्यमंत्री ने रविंद्र भवन, पटना में स्पिक मैके द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘दुर्गा स्वरोत्सव, 2026’ का दीप प्रज्ज्वलित कर किया शुभारंभ। सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए सशक्त व्यवस्था विकसित करने पर दिया जोर।
शास्त्रीय संगीत का सकारात्मक प्रभाव व्यक्ति के मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य पर पड़ता है। बिहार में शास्त्रीय संगीत को और आगे बढ़ाने, कलाकारों को प्रोत्साहित करने तथा नई पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय संगीत की परंपरा से जोड़ने के लिए सरकार सहयोग करेगी।
हाई स्कूलों एवं कॉलेजों में विद्यार्थियों को शास्त्रीय संगीत से जोड़ने की दिशा में काम करने की आवश्यकता है। इससे विद्यार्थियों को मानसिक शांति प्राप्त करने तथा नशे की प्रवृत्ति से दूर रहने में मदद मिल सकती है।
प्रख्यात शास्त्रीय गायक श्री साजन मिश्र की संगीत प्रस्तुति को मुख्यमंत्री ने सुना।
पटना, 09 अक्टूबर 2026: मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज रविंद्र भवन, पटना में स्पिक मैके द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘दुर्गा स्वरोत्सव, 2026’ का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभकिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोगों की कला और संगीत के प्रति रुचि कम होती जा रही है। शास्त्रीय संगीत से भी लोगों की दूरी बढ़ी है। ऐसे में अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखना और उसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाना बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों को संरक्षित करने, प्रोत्साहित करने और निरंतर आगे बढ़ाने के लिए एक सशक्त व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता है। शास्त्रीय संगीत हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि हमें मानसिक शांति प्राप्त करनी है, तो शास्त्रीय संगीत को अपने जीवन का हिस्सा बनाना होगा। संगीत का सकारात्मक प्रभाव व्यक्ति के मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाई स्कूलों एवं कॉलेजों में विद्यार्थियों को शास्त्रीय संगीत से जोड़ने की दिशा में काम करने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों के जीवन में शास्त्रीय संगीत की उपयोगिता बढ़ाने के लिए आवश्यक पहल की जानी चाहिये। इससे विद्यार्थियों को मानसिक शांति प्राप्त करने तथा नशे की प्रवृत्ति से दूर रहने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि बिहार के अन्य स्थानों पर भी इस तरह के शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। बिहार में शास्त्रीय संगीत को और आगे बढ़ाने, कलाकारों को प्रोत्साहित करने तथा नई पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय संगीत की परंपरा से जोड़ने के लिए सरकार सहयोग करेगी।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की आयोजक डॉ० माया शंकर को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे शास्त्रीय संगीत के ऐसे आयोजनों के माध्यम से बिहार में कला एवं संस्कृति को आगे बढ़ाने का कार्य निरंतर करती रहें। इस तरह के आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने और समाज में संगीत के प्रति रुचि विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रख्यात शास्त्रीय गायक श्री साजन मिश्र की संगीत
प्रस्तुति को भी सुना।
इस अवसर पर कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ० प्रमोद कुमार, सांसद श्री रविशंकर प्रसाद, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक श्री संजय सरावगी, पूर्व उप मुख्यमंत्री सह विधायक श्री तारकिशोर प्रसाद, विधायक श्री संजीव चौरसिया, विधायक श्री संजय कुमार, विधान पार्षद श्री संजय मयूख, पटना की महापौर श्रीमती सीता साहू, उप महापौर श्रीमती रेश्मी चंद्रवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।




