बाढ़- एसडीएम कृष्णा जोशी व एसडीपीओ रामकृष्ण ने दुर्गा पूजा को लेकर की महत्वपूर्ण बैठक!

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:- रवि शंकर अमित!

अनुमंडल कार्यालय (गोपनीय शाखा) बाढ़, पटना।

दिनांक 05.10.2026

सुश्री कृष्णा जोशी, भा० प्र० से०, अनुमंडल पदाधिकारी, बाढ़ की अध्यक्षता में आज दिनांक 05.10.2026 को अप 03:00 बजे आगामी दुर्गा पूजा 2026 के अवसर पर अनुमंडलीय सभागार बाढ़ में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बाढ़ -1 के साथ बाढ़ अनुमंडल के सभी दुर्गा पूजा आयोजन समिति के अध्यक्ष/सचिव के साथ अनुमंडल स्तरीय शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बाढ़ द्वारा दुर्गा पूजा आयोजन समिति के सदस्यों को दुर्गा पूजा शांतिपूर्वक, सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने का अनुरोध किया गया, उन पूजा समितियों को यह भी निर्देश दिया गया कि दुर्गा पूजा के आयोजन में मुख्यतः पंडाल की अधिकतम ऊंचाई 40 फीट एवं प्रतिमा की अधिकतम ऊंचाई 20 फीट रखने तथा रासायनिक रंगों, प्लास्टर ऑफ पेरिस का प्रयोग इत्यादि नहीं करने का माननीय ग्रीन ट्रिब्यूनल का आदेश है, जिसका अनुपालन आप सभी पूजा आयोजन समिति को करना है तथा प्रतिमा विसर्जन गंगा नदी में नहीं करके पास के कृत्रिम तालाब में करना है। कृत्रिम तालाब का निर्माण नगर परिषद के द्वारा कराया जाएगा। साथ ही पंडाल में 24×7 सी सी टी वी कैमरा की व्यवस्था, वोलेंटियर की प्रतिनियुक्ति आई कार्ड के साथ करने तथा पंडाल को किसी भी समय खाली नहीं छोड़ने, पंडाल में उपयुक्त स्थान पर हेल्प डेस्क बनाने और पंडाल में हाइजीन बनाए रखने हेतु अलग अलग डस्टबीन लगाने का निर्देश सभी पूजा आयोजन समितियों को दिया गया। इसके अतिरिक्त पूजा पंडाल एवं प्रतिमा विसर्जन जुलूस में डी जे का उपयोग किसी भी स्थिति में नहीं किया जाना है। डी जे के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध है इसलिए सभी पूजा आयोजन समिति को इसे सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बताया गया कि इन सभी निर्देशों का अभी पूजा आयोजन समिति अनुपालन सुनिश्चित करेंगे तथा पूजा आयोजन के पूर्व अपने अपने थाना से पूजा आयोजन का लाइसेंस अवश्य प्राप्त कर लेंगे तथा लाउडस्पीकर प्रयोग के लिये अनुमंडल कार्यालय से अनुमति प्राप्त कर लेंगे। यदि पंडाल में बिजली का उपयोग किया जाता है तो विधिवत बिजली विभाग से अस्थाई विद्युत कनेक्शन लेकर गुणवत्तायुक्त कवर्ड तार का एम सी बी युक्त वायरिंग करेंगे ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना नहीं रहे। पूजा आयोजन समितियों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे पंडाल का निर्माण विद्युत सप्लाई का तार से कम से कम चार फीट की दूरी बनाकर करेंगे ।

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