खरौनी बाजार पंचायत अंतर्गत नामोडीह गांव के पहाड़ियां टोला के लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित

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ब्यूरो रिपोर्ट शंखनाद

चार सालों से पेयजल के लिए तरस रहे हैं ग्रामीण, सालों से खराब पड़े है चापानल एवं जलमीनार

अबुआ राज में देढ़ किमी दूर से जोरिया का गंदा पानी लाकर गुजर बसर करने को मजबूर हैं ग्रामीण

गोपीकांदर(दुमका)

काठीकुंड ब्यूरो की रिपोर्ट

सरकार भले ही आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय के विकास के नाम पर लाखों रूपए खर्च कर रही हो, लेकिन अब भी पहाड़िया समुदाय के लोगों को पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है|इसका जीता जागता उदाहरण गोपीकांदर प्रखंड के खरौनी बाजार पंचायत अंतर्गत नामोडीह गांव के पहाड़ियां टोला के पहाड़ियां जाति के लोग हैं जो पानी के लिए तरस रहे है। गांव में तीन चापाकल है, लेकिन चार साल से चापाकल खराब पड़े है, एक कुआं है वह भी लोगों की प्यास बुझाने में असमर्थ हैं|कुंआ पुरी तरह सुख चुका है। सरकार के द्वारा एक जलमीनार बनाया गया है, लेकिन वह भी दो साल से खराब पड़ा हुआ है|कोई सुध लेने वाला नहीं है। नामोडीह गांव के पहाड़िया लोगो के लिए पानी एक गंभीर समस्या बनी हुई है। खरौनी बाजार पंचायत के पूर्व मुखियां इस गांव के निवासी दुर्गा देहरी ने बताया कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग दुमका के द्वारा निर्मित यह जलमीनार दो साल से खराब पड़ा हुआ है। इस विषय पर कई बार स्थानीय पंचायत सचिव एवं संबंधित विभाग को कई बार आवेदन देकर जलमीनार मरम्मती की गुहार लगाई गई है। लेकिन दो साल बीत जाने के बावजूद अब तक किसी ने कोई पहल नहीं की है। ग्रामीण शान्ति देवी ने बताया कि जलमीनार खराब होने के कारण सभी लोग डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित जोरिया का गंदा पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते है|अभी तक किसी भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि का इस ओर ध्यान नहीं है। ग्रामीण बाबूलाल देहरी,भुगेन गृही, देवेन्द्र देहरी,सोनी महारानी, सीनतामुनी महारानी, फुलमुनी महारानी, लालमुनी महारानी, जितन देहरी, प्रवर्तिय महारानी, पानवती रानी रोहित देहरी, हरेंद्र देहरी सहित दर्जनों लोगों में सरकार एवं जनप्रतिनिधियों के प्रति काफी आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि अबुआ राज का नारा देकर सत्ता में आई झामुमो सरकार में भी हमारी सुनने वाला कोई नहीं है|

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